अपर सत्र न्यायाधीश बाबूराम ने शनिवार को गैर इरादतन हत्या के आरोप में दोषी पाए जाने पर थाना कंधई के नागापुर निवासी रामजगत वर्मा और गंगादेई उर्फ पतरका को आठ वर्ष के कठोर कारावास और 10 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी अजय कुमार पांडेय ने की।
वादी मुकदमा थाना पट्टी क्षेत्र के अंतपुर गांव निवासी ओंकारनाथ वर्मा ने बताया कि उसने अपनी लड़की मंजू देवी की शादी 14 मई 2004 को कंधई थाना क्षेत्र के नागापुर गांव निवासी राम जगत वर्मा के साथ की थी। विदाई के बाद से ही मंजू को पति, सास समेत के अन्य लोग दहेज के प्रताड़ित करने लगे। तीन अगस्त 2009 को मंजू की हत्याकर सुसुराल वालों ने मौत की जानकारी फोन से दी। जब प्रार्थी वहां पहुंचा तो बेटी का शव सील हो चुका था। ससुराल पक्ष के लोगों ने बेटी का शव प्रार्थी को नहीं सौंपा। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने दोषी पुत्र रामजगत वर्मा व मां गंगा देई पतरका को आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।