जिले के 90 हजार से अधिक वीबी-जी-राम-जी (विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)) के मजदूरों की ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। लापरवाही करने वाले सात सचिवों का वेतन सीडीओ ने रोक दिया है। प्रशासन की सख्ती पर गांव-गांव भ्रमण कर सचिव ई-केवाईसी लक्ष्य को पूरा करने में जुटे हैं।
विभाग में 2.05 लाख मजदूरों को सक्रिय श्रेणी में शामिल किया गया है। अब तक 1.14 लाख मजदूरों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दरअसल, तीन माह पहले शासन ने वीबी-जी-राम-जी मजदूरों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था लेकिन अब तक 56.06 प्रतिशत मजदूरों की ही ई-केवाईसी हो सकी है।
सचिवों की सुस्त चाल से लक्ष्य में पिछड़े विभाग की रिपोर्ट पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। अब तक सात सचिवों का वेतन रोका गया। सीडीओ की कार्रवाई से बचने को सचिव मजदूरों के घरों पर पहुंचकर लक्ष्य को पूरा करने में जुटे हैं। डीसी मनरेगा संतोष सिंह ने बताया कि ई-केवाईसी होने पर ही मजदूरों को श्रम का भुगतान किया जाएगा। इसलिए लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा करने में विभाग जुटा है।