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मानसून ने दी दस्तक, झूमकर बरसे बदरा

Mon, 26 Jun 2017 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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प्रतापगढ़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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सुबह से आसमान में उमड़- घुमड़ कर रहे बादलों ने रविवार दोपहर बाद झमाझम बरसात कर दी। बिजली की तड़क-भड़क के बीच मानसून ने अपने आने का एहसास कराया और करीब 45 मिनट तक झमाझम बरसात हुई। शहर में चहुंओर पानी ही पानी दिखने लगा। मौसम विभाग के अनुसार कुल 35 मिमी बरसात हुई। अधिकतम तापमान 27.4 व न्यूनतम 25.2 दर्ज किया गया।
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जमकर हुई बारिश से शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। लोगों को आवागमन में खासी दिक्कत झेलने पड़ी। शहर से लेकर गांव तक लोग परेशान रहे। जून माह के अंतिम चरण में मानसून ने दस्तक दे दी है। बीते चार दिनों से आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ बनी हुई थी। तेज हवाओं के बीच बादलों की जोर-आजमाइश महज बूंदाबांदी तक ही सिमट कर रह जा रही थी। रविवार को सुबह आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रही। सूर्योदय के बाद एकाएक बादलों ने अपनी पकड़ बनानी शुरू कर दी। 11 बजे के बाद आसमान में चहुंओर बादलों का कब्जा हो गया और गरज-चमक श्ुारू हो गई।

करीब दो घंटे बाद करीब सवा एक बजे से झमाझम बरसात शुरू हो गई। बरसात की रफ्तार इतनी तेज थी कि चंद मिनट में ही सड़कों पर पानी बहने लगा। शहर में बाजारों एवं चौराहों में बारिश के दौरान कोई चहलकदमी करते हुए तो कोई बाइक पर फर्राटा भरते हुए बारिश का आनंद उठा रहा था। वहीं मोहल्लों में बच्चे, युवा सभी अपने छतों पर व बाहर निकलकर पहली बरसात का आनंद लेते नजर आए। इधर करीब 45 मिनट की बरसात से शहर में चहुंओर पानी ही पानी दिखने लगा। शहर के सिनेमा रोड, पल्टन बाजार, सब्जी मंडी, स्टेशन रोड, देवकली, शिवजीपुरम, सीएन सिंह गली में जलभराव की समस्या से लेागों को दो चार होना पड़ा।
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साफ-सफाई के अभाव में सड़कों के किनारे बनीं नालियों चोक होने से बारिश का पानी मोहल्लों की सड़कों पर बह रहा था। जिससे जगह-जगह गंदा पानी व कीचड़ जमा हो गया। बारिश बंद होने के बाद बाबागंज, भंगवाचुंगी, सदर बाजार, घंटाघर, अंबेडकर चौराहा, पंजाबी मार्केट, बलीपुर, विवेकनगर, स्टेशनरोड, नया मालगोदाम रोड व पुराना मालगोदाम रोड, जेल रोड सहित शहर के प्रमुख बाजारों एवं चौराहों पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। लोगों को आवागमन में खासी परेशानी हुई।  

करीब 45 मिनट बारिश के बीच मंद मंद हवाओं का क्र म रहा। बारिश का लोगाें ने जमकर आनंद उठाया। बारिश बंद होने के बाद करीब आधे घंटे तक मौसम सुहावना बना रहा। मगर इसके बाद धीरे-धीरे मौसम तल्ख होने लगा। करीब आधे घंटे के बाद उमसभरी गर्मी का कहर शुरू हो गया। शहर से लेकर गांव तक लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल हो उठे।

जून के महीने का अंतिम समय चल रहा है। बारिश से निपटने के  लिए नगरपालिका द्वारा शहर की नालियों, नाले की साफ-सफाई कराई जाती है। विभाग ने बारिश से निपटने के लिए किस हद तक तैयारी कर रखी थी, इसका पता महज 45 मिनट की बारिश में चल गया। चोक नालियों से बहते गंदे पानी, सड़कों पर लगे कूडे़ के  अंबार व कीचड़ ने लोगों को परेशान करके रख दिया। से किचपित के दृश्य ने बयां कर दिया। लोगों का कहना है कि अभी बारिश का महीना बाकी है, यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी खराब होगी।

मानसून की पहली बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। धान की रोपाई के लिए खेतों में डाली गई नर्सरी में पानी की जरूरत थी, झमाझम बरसात से धान की नर्सरी को काफी फायदा मिला है। बरसात का आगाज देख अब किसान धान की रोपाई के लिए खेतों की तैयारी में जुट गए हैं।
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