व्यापारी की हत्या व मौके पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के न आने से आक्रोशित लोग शनिवार को सड़क पर उतर गए। लोगों ने नारेबाजी कर जुलूस निकाला। जिसके बाद कारोबारी भी अपनी दुकानें बंद कर आंदोलन कर रहे लोगों के साथ चल दिए।
परिजनों को समझाने पहुंचे एसडीएम व सीओ कुंडा को बैरंग लौटना पड़ा। मांगों को पूरा करने के लिए आला अफसरों को मौके पर बुलाने की जिद कर रहे कारोबारियों व परिवार के लोगों को जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने समझाबुझाकर एक लाख रुपये की आर्थिक मदद कर शांत कराया। तब जाकर परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
कुंडा कोतवाली क्षेत्र के प्रेम नगर मोहल्ला निवासी रामकृष्ण केसरवानी की कुछ लोगों ने कानपुर के सांड थाना क्षेत्र के बरीगांव में हत्या कर शव को जला दिया था। उनके कपड़ों में मिले कागजात से पुलिस ने शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी थी। शुक्रवार की देर शाम परिजन शव लेकर घर पहुंचे। जिसके बाद कोहराम मच गया।
रात में एसडीएम व सीओ कुंडा व्यापारी के परिजनों से मिले और शव का अंतिम संस्कार करने की बात कही। लेकिन परिवार के लोगों के साथ ही व्यापारियों ने सभी को बैरंग लौटा दिया।
परिजन मौके पर डीएम और एसपी को बुलाने की मांग करने लगे। परिवार के लोगों की मांग थी कि मृतक की पत्नी को नौकरी, 25 लाख रुपये आर्थिक मदद व हत्या का खुलासा जल्द से जल्द करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परिवार के लोगों की मांग के बाद भी जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक मौके पर नहीं गए। इससे कारोबारियों को गुस्सा भड़क उठा।
शनिवार की सुबह प्रशासनिक अमला अंतिम संस्कार कराने की कोशिश करते हुए फिर परिजनों के पास पहुंचा। लेकिन लोगों ने सभी को लौटा दिया और आला अधिकारियों के आने के बाद ही अंतिम संस्कार की बात करने लगे।
अफसरों की उपेक्षा व व्यापारी की हत्या से आक्रोशित लोग सड़क पर उतरे पड़े। देखते ही खुली दुकानें बंद कर कारोबारी जुलूस में शामिल हो गए। लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इससे प्रयागराज-लखनऊ राजमार्ग पर जाम लग गया।
दोपहर बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया परिवार के लोगों से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों को एक लाख रुपये की मदद देते हुए समझाया। कहा कि शासन स्तर से हर संभव मदद दिलाने का वह प्रयास करेंगे। राजा भैया के आश्वासन पर लोग मान गए और अंतिम संस्कार के लिए शृंग्वेरपुर रवाना हो गए।
जुलूस देख बंद कर दी दुकानें, दोपहर बाद खोली
व्यवसायी रामकृष्ण की हत्या से आक्रोशित युवक जुलूस निकालकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनके उग्र रूप को देख दुकानदार अपनी दुकान बंद करने लगे। व्यापारी के घर के आसपास की दुकानें देखते ही देखते बंद हो गई। जुलूस के दौरान लोग दुकानें बंद करने के लिए सभी व्यापारियों से अपील भी करते नजर आए। शव के अंतिम संस्कार के लिए जब लेकर लोग निकले तो व्यापारियों ने दुकान खोलनी शुरू की।
बवाल की आशंका देख बुलाई गई तीन थानों की फोर्स
व्यापारी की हत्या से आक्रोशित लोगों के सड़क पर उतरने के बाद तीन थानों की फोर्स मौके पर बुला ली गई। जुलूस निकाल रहे लोग प्रशासन के रवैये पर काफी आक्रोश में थे। हथिगवां, संग्रामगढ़, मानिकपुर थाने की फोर्स मौके पर मौजूद रही। बाद में शव के साथ अंतिम संस्कार के लिए भी पुलिस फोर्स रवाना हुई।
हाईवे पर आवागमन रहा बाधित
प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर ही मृतक व्यापारी रामकृष्ण का घर पड़ता था। शव पहुंचने के पहले ही टेंट लगा दिया गया। ताकि रात में किसी तरह की दिक्कत न हो सके। हाईवे के किनारे लोगों की भीड़ के चलते आवागमन बाधित रहा। रात में वाहन आते जाते रहे लेकिन सुबह से वाहनों के आवागमन में लगातार अड़चन आती रही। हालांकि कुंडा पुलिस मुस्तैदी के साथ वाहनों को निकलवाने के लिए तैनात रही।
कुंडा के प्रेमनगर में मृत व्यवसायी के परिजनों को समझाते राजा भैया।- फोटो : PRATAPGARH