जिले में 260 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेडिकल कॉलेज में नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम के परीक्षण के बाद एमबीबीएस की पढ़ाई प्रारंभ हो जाएगी। अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय से संबंद्ध मेडिकल कॉलेज में दो प्रोफेसर, दस असिस्टेंट प्रोफेसर और 26 जूनियर डॉक्टरों की तैनाती हो चुकी है। अब इंतजार एनएमसी जांच टीम का है।
शहर से सटे पूरे केशवराय में मेडिकल कॉलेज को अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय से संबद्ध किया गया है। 260 करोड़ की लागत से शहर से सटे हुए पूरे केशवराय में प्रशासनिक भवन, प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ प्रशिक्षु चिकित्सकों के रहने के लिए आवास की व्यवस्था हो गई है।
क्लास संचालित किए जाने के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जा रहे हैं। दस करोड़ की लागत से लैब तैयार की जा रही है। प्राचार्य के साथ दो प्रोफेसर, दस असिस्टेंट प्रोफेसर, 26 जूनियर डॉक्टरों की तैनाती शासन स्तर से की गई है। अब नेशनल मेडिकल कमीशन की जांच का इंतजार किया जा रहा है।
प्रशासनिक भवन के साथ अस्पताल की होगी जांच
प्राचार्य डॉक्टर आर्य देशदीपक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की जांच करने के लिए दिल्ली से तीन सदस्यीय नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम आती है। टीम के सदस्य प्रशासनिक भवन, आवास, पढ़ाई की व्यवस्था के साथ अस्पताल की सुविधाओं की हकीकत खंगालते हैं। जिले में टीम कब तक आएगी, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। हालांकि शासन को मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था के बारे में जानकारी दे दी गई है। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द ही टीम निरीक्षण करने के लिए आ सकती है।
एक जनवरी से शुरू हो सकता है दाखिला
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर्य देशदीपक ने बताया कि नीट के माध्यम से प्रशिक्षु डॉक्टरों का चयन होगा। रैंक के मुताबिक जिले का आवंटन शासन स्तर से किया जाएगा। उम्मीद लगाई जा रही है कि एक जनवरी से दाखिला शुरू हो सकता है।
डीएम से सड़क बनवाने की मांग
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर्य देशदीपक ने डीएम डा. नितिन बंसल से मुलाकात कर मेडिकल कालेज तक जाने वाली सड़क को बनवाए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि सड़क खराब होने से आने-जाने में दिक्कत हो रही है। प्रतापगढ़-गडवारा मार्ग से जोड़ने वाले मेडिकल कॉलेज के लिंक मार्ग का हाल खराब होने से लोग परेशान हैं।
प्रदेश में बन रहे आठ नए मेडिकल कॉलेजों में प्रतापगढ़ सबसे आगे चल रहा है। बनकर तैयार हो गया है। चिकित्सालय में वार्डों का निर्माण तेजी से हो रहा है। नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम के निरीक्षण और उसकी रिपोर्ट का इंतजार है।
डॉक्टर आर्य देशदीपक, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज