दक्षिण भारत में हुई बारिश और पुरवा हवाओं के चलने के कारण पारा शुक्रवार को भी 39 डिग्री पर स्थिर रहा, लेकिन उमस और धूप से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। सूरज की तल्खी पहले जैसे बरकरार रही तो गर्म हवाओं के थपेड़े शरीर को झुलसाने पर आमादा थे। लू और धूप के गठजोड़ ने ऐसा कहर बरपाया कि लगा शरीर झुलस रहा है। बाहर निकलने वाले लोग दिनभर शरीर को बचाने का प्रयास करते रहे। दोपहर में चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
मई के दूसरे पखवारे भर से गर्मी अपने चरम पर है। हालांकि बीते दो दिनों से अधिकतम तापमान 39 डिग्री पर आ गया, लेकिन इसके बावजूद धूप कहर बरपा रही है। सुबह नौ बजे के बाद धूप के तेवर देख लोग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। लू के गर्म थपेड़ों के चलते लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं। इसके चलते चौराहों के साथ ही बाजारों में स्थित दुकानों पर सन्नाटा पसर जाता है। चिलचिलाती धूप से बचने के लिए लोग बदन को ढक कर निकलते हैं। बच्चों को लेकर जरूरी काम से निकलने वाली महिलाएं उन्हें तौलिया से ढककर रखती हैं। इसके बाद भी लू के गर्म थपेड़ों से निजात नहीं मिल पा रही है। बाहर निकलने वाले लोग गर्मी में प्यास से बेहाल हो जा रहे हैं। गर्मी के चलते जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। बाल रोग विषेज्ञय डा. मोहित शुक्ला ओपीडी में बच्चों को लेकर इलाज कराने आने वाले लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दे रहे हैं।