कोतवाली इलाके के रमईपुर नेवादा गांव दावत खाने के बाद गांव के पंद्रह लोग फूड प्यावजनिंग के शिकार हो गए। हालत बिगड़ने पर उन्हें एंबुलेंस से सीएचसी पट्टी लाया गया। चिकित्सक सभी को भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। बीमार लोगों में महिलाओं के साथ बच्चे भी शामिल हैं। रमईपुर नेवादा गांव में गुरुवार रात एक व्यक्ति के यहां बहूभोज था। इसमें बड़ी संख्या में नात-रिश्तेदार जुटे थे। दावत खाने गांव के लोग भी पहुंचे थे। बताते हैं कि इस दौरान जमकर मटन-चिकन उड़ाया गया। भोजन विषाक्त होने के कारण शुक्रवार सुबह गांव के शरीफ (50), अरसर (1), अफसर (15), जैश (12), आफरून (14), इलियास (27), शावली (12), शाफरून (16), तासरून (18), सोनम, (25), निशा (45), समेत डेढ़ दर्जन लोगों की हालत बिगड़ गई। उन्हें उल्टी-दस्त होने लगी। कुछ ही देर में सारे लोग अचेत से होने लगे। सूचना पर गांव में कोहराम मच गया। समाजवादी एंबुलेंस को सूचना देकर सभी बीमार लोगों को सीएचसी पट्टी पहुंचाया गया। जहां मौजूद चिकित्सकों की टीम ने फूड प्यावजनिंग के शिकार हुए इन लोगों का इलाज शुरू किया। देर शाम तक बीमार लोगों की हालत में सुधार हो रहा था। सीएचसी में तैनात डा. दीपक सिंह ने बताया कि गर्मी में फूड प्वायजनिंग हो जाती है। जिसका इलाज तत्काल किया जाना आवश्यक होता है। लोगों को इस मौसम में ज्यादा मसालेदार व तला भुना खाना खाने से परहेज करना चाहिए।