प्रतापगढ़। सांगीपुर ब्लाक में अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास के एवज में वसूली के खेल का खुलासा न हो, इसके लिए रविवार को कर्मचारी अपने दूतों को लाभार्थियों के घर भेजकर मुंह नहीं खोलने की चेतावनी दे रहे हैं। जिला प्रशासन ने सोमवार को 70 टीमों का गठन करके असलियत खंगालने की जिम्मेदारी सौंपी है।
जिले के सांगीपुर ब्लाक में प्रधानमंत्री आवास अपात्रों को बांटने और उनसे दूसरी किस्त भुगतान के लिए सौदेबाजी करने की शिकायत सीडीओ तक आने पर पूरे विकास खंड के लाभार्थियों की जांच कराने के लिए 70 टीमों का गठन किया है। यह पहला मौका है, जब किसी ब्लाक में आवास की जांच के लिए सीडीओ ने इतनी अधिक संख्या में जनपदीय अफसरों को लगाया गया है। इधर बचाव में उतरे ब्लाक कर्मियों ने रविवार को लाभार्थियों तक अपने दूतों को भेजकर आवाज नहीं खोलने की चेतावनी दी है।
बतादें कि इसके पूर्व बाबागंज विकास खंड में भी आवास के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था । बाबागंज में ऐसे लोगों के नाम आवास की धनराशि भेज दी गई है, जो उस गांव में रहते ही नहीं है। सीडीओ राजकमल यादव ने बताया कि आवास से सम्बंधित शिकायतें अधिक आने के कारण पूरे ब्लकसके लाभार्थियों की जांच कराई जा रही है। दोषी कर्मचारियों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि इस ब्लाक की जांच पूरी होने के बाद बाबागंज और संडवा चंद्रिका में हुई वसूली की जांच कराई जाएगी।