लालगंज तहसील के संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पर दर्ज एफआईआर वापस लेने में हीलाहवाली पर भड़के वकीलों ने बुधवार को तहसील गेेट पर ताला जड़ दिया। सुबह वकीलों ने शांतिपूर्ण ढंग से तहसील में प्रवेश किया और दोनों गेट में अंदर व बाहर से ताला बंद कर दिया। अधिकारियों को तहसील गेट में ताला बंद होने की जानकारी मिली तो वह कार्यालय पहुंचने से कन्नी काट गए।
वकीलों ने फैसला कर रखा था कि किसी भी दशा में अधिकारियों व कर्मचारियों को भीतर प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। इससे एसडीएम वाईबी सिंह, तहसीलदार भगवान दास कमलवंशी व नायब तहसीलदार सदानंद तहसील के इर्द-गिर्द घूमते रहे। अपने खास लोगों से तहसील के हालात पर नजर बनाए रखे, लेकिन कार्यालय तक जाने के लिए एक भी अधिकारी हिम्मत नहीं जुटा सके। गेट पर ताला बंद होने से सरकारी व न्यायिक कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया। तमाम वादकारी व अन्य कार्यों से तहसील आए लोग गेटों पर ताला बंद देख वापस लौट गए। तालाबंदी के चलते दूर-दराज से आए लोगों को निराशा हाथ लगी।
वकीलों का आक्रोश देख प्रशासन ने तहसील गेट की तालाबंदी पर आंखे बंद कर ली। न तो किसी ने वकीलों से बात करने का प्रयास किया और नही दूरदराज से आए लोगों की परेशानी समझी। एक तरफ जहां प्रशासन वकीलों का तेवर देखकर बैक फुट पर नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर वकीलों का तेवर तेज होता दिखा। वकीलों ने साफ कहा कि जब तक अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापसी पर जिला प्रशासन कोई फैसला नहीं लेता तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा।