प्रसव के 12 घंटे बाद महिला सिपाही की हालत बिगड़ गई। डाक्टर उसका उपचार कर पाते। इससे पहले उसकी सांसें थम गईं। परिजनों का आरोप है कि डाक्टर उन लोगों को भ्रम में रखा। मौत के बाद भी रेफर कर दिया। शिकायत के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फतनपुर थाना क्षेत्र के छानापार निवासी शिव बहादुर सिंह की बेटी वंदना सिंह (26) महिला पुलिस के पद ज्ञानपुर भदोही में तैनात थी। उसका विवाह राहुल के साथ परिजनों ने किया था। गर्भवती होने के कारण ड्यूटी से अवकाश लेकर वह मायके चली आई थी। रविवार को प्रसव पीड़ा होने पर पिता ने उसे सदर बाजार स्थित शक्ति विनायक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां देर रात उसने बच्चे को जन्म दिया। पिता शिव बहादुर का आरोप है कि सोमवार की सुबह अचानक वंदना की तबियत बिगड़ने लगी। डाक्टरों ने उसके इलाज में लापरवाही बरती। उसे आईसीयू में रखकर ट्रीटमेंट भी किया गया। इस दौरान डाक्टरों की लापरवाही से उसकी मौत हो गई। इसके बावजूद सही जानकारी देने के बजाय डाक्टर उसे गुमराह करते रहे और उसे इलाहाबाद ले जाने की सलाह देने लगे। जब वंदना के मौत की जानकारी परिजनों को हुई तो वे रोने बिलखने लगे। खबर मिलने पर पति राहुल व मायके से दूसरे लोग भी आ गए। वे डाक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने हुए हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नगर कोतवाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।