शास्त्री चौराहा पर लगे सीसीटीवी कैमरे।
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सावन के पहले सोमवार को अमरनाथ यात्रा पर निकले यात्रियों के ऊपर आतंकी हमले के बाद कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन नए सिरे से तैयारी करने लगा है। अवकाश पर जाने वाले पुलिसकर्मियों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है। अबकी कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों के साथ राजस्व और विकास विभाग के कर्मचारी भी तैनात रहेंगे।
अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा पर निकले भक्तों के ऊपर हुए आतंकी हमले को देखते हुए प्रदेश सरकार ने हाई अलर्ट घोषित करते हुए चौकसी बरतने का निर्देश दिया है। कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। जिले में प्रमुख बाबा धाम पर सुरक्षा के लिए पहले से ही ड्यूटी लगाई जा चुकी है। पुलिसकर्मियों की कमी को देखते हुए पूर्व में सिपाहियों की स्वीकृत अवकाश निरस्त कर दी गई है। सभी को वापसी का संदेश भेजा जा रहा है। कांवड़ियों के रूट पर पर नजर रखी जाएगी। देल्हूपुर से लेकर बाबा बेलखरनाथ धाम तक करीब बीस स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इसके अलावा डेरवा, जेठवारा, संग्रामगढ़, कालाकांकर क्षेत्र के अलावा घुइसरनाथ धाम जाने वाले रास्ते पर भी तीसरी आंख नजर रखेगी। इस बार जिन रूटों से कांवड़िया गुजरेंगे। उस इलाके के गांव के लेखपाल और सेक्रेटरी को भी नजर रखने के लिए कहा गया है। वे गांव के संभ्रांत लोगों के साथ कांवड़ियों की सुरक्षा करने के लिए समूह बनाएंगे। पूरे सावन माह तक पुलिसकर्मियों के अलावा लेखपाल, सेक्रेटरी, सफाई कर्मचारियों को अवकाश देने पर रोक लगाई गई है।
वहीं जिन गांवों से कांवड़िया जलाभिषेक के लिए निकलेंगे। वहां की जानकारी कोटेदार, रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को रखनी होगी। इसके अलावा ये सभी कांवड़ियों के साथ होने वाली अप्रिय वारदात की भनक लगने पर अधिकारियों को अवगत कराएंगे। एएसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि आतंकी हमले के बाद कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर हर स्तर पर प्रबंध किया जा रहा है। संवेदनशील स्थानों पर एक उपनिरीक्षक सिपाहियों के साथ 24 घंटे रहेंगे। कांवड़ियों के समूह के अलावा अलग-अलग आने वाले कांवड़ियों को भी वे अपने थाना क्षेत्र की सीमा को पार कराएंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कांवड़ियों की सुरक्षा में लगाए गए पुलिसकर्मी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन करें।