हरतालिका तीज पर सोमवार को सुहागिनों ने हाथ में जल लेकर निर्जला व्रत का संकल्प लिया। घर के आंगन में मिट्टी से भगवान शिव व माता पार्वती की मूर्ति स्थापित करने के लिए चौकी बनाई। पति की लंबी आयु की कामना व अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए सुहागिनें तीज का व्रत रखती हैं। योग्य वर के लिए कन्याएं भी इस पर्व पर पूजन करती हैं।
शाम के समय बेल्हा देवी मंदिर, सदरमोड़ के रामजानकी मंदिर, बलीपुर के दुर्गा मंदिर सहित अलग- अलग मोहल्ले के मंदिर व घरों में महिलाओं ने पूजन-अर्चन किया। अक्षत, चुनरी, फूल, फल, भांग, घतूरा, चंदन के भोग के साथ भगवान शिव को प्रसन्न किया। शाम के समय पूजा के बाद चंद्रोदय होने के बाद अर्घ्य देकर अधिकांश सुहागिनों ने फलाहार ग्रहण किया।