आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद अफसर पूरी तरह लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। इसका फायदा उठाकर होली पर मुनाफाखोरों ने मिलावट का बाजार सजा दिया है। त्योहार के लिए पखवारे भर पहले डंप किया गया खोवा अब बेचा जा रहा है। खाने-पीने के अन्य सामानों में भी मिलावट की गई है। सूजी, मैदा और मसाले के साथ-साथ मिलावटी सरसों तेल भी बाजार में बेचा जा रहा है।
त्योहार करीब आते ही बाजारों में खरीदारी भी तेज हो गई है। इधर, अफसरों को चुनाव में व्यस्त देख मिलावटखोर त्योहार पर मुनाफे के चक्कर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पखवारे भर से डंप खोवा अब डिमांड बढ़ने पर ग्राहकों को ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है।
दूसरी तरफ, आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण अफसर पूरी तरह से चुनाव की तैयारियों में व्यस्त हो गए हैं। उनके पास जांच के लिए समय नहीं है। अभी तक एक भी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
तैयार किया गया है मिलावटी खोवा
मानधाता, रानीगंज, पट्टी, और कोहड़ौर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिलावटी खोवा तैयार किया गया है। पाउडर के बने दूध के साथ आलू और शकरकंद के साथ मैदा मिलाकर तैयार करने के बाद इसे अब बाजार में खपाया जा रहा है। जल्दबाजी के चक्कर में ग्राहक मिलावटी खोवा की पहचान नहीं कर पाते हैं।
300 से 400 रुपये किलो में हो रही बिक्री
सोरांव, सहसों और मानधाता क्षेत्र से इन दिनों खोवा प्रतापगढ़ लाया जा रहा है। व्यापारी ग्राहकों को मिलावटी खोवा 300 से 400 रुपये किलो बेच रहे हैं। खाद्य औषधि विभाग की टीम सुबह 11 बजे के बाद क्षेत्र में निकलती है, मगर व्यापारी 10 बजे तक खोवा बेचकर अपने घर चले जाते हैं।
कैसे करें मिलावटी खोवा की पहचान
खोवा को हथेली पर लेकर गोली बनाए। खोवा फटने लगे और गोली न बने तो समझें उसमें मिलवाट है। थोड़े से खोवा को गरम पानी में डाल दें। ठंडा होने के बाद उसमें नमक मिला पानी में डालें। अगर खोवा मिलावटी होगा तो रंग नीला हो जाएगा। खोवा में थोड़ी सी चीनी मिलाकर गर्म करें। अगर वह पानी छोड़ने लगे तो मिलावटी हो सकता है।
अभियान चलाकर मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। चुनाव के चलते कुछ व्यस्तता जरूर आ गई है, मगर मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें जेल भेजा जाएगा
। धीरेंद्र प्रताप सिंह, अभिहित अधिकारी।