प्रतापगढ़। ऑनलाइन फॉर्म फीडिंग के दौरान स्कूलों की लापरवाही सामने आई है। छात्र-छात्राओं को प्रोन्नत करने की प्रक्रिया के दौरान डाटा मिलान न होने से मूल्यांकन में दिक्कत आ रही है। कहीं नाम में खामी है तो किसी के अनुक्रमांक संख्या में। जिले के 70 से अधिक विद्यालयों के डाटा का मिलान नहीं हुआ है। बोर्ड की ओर से डीआईओएस को पत्र लिखकर दोबारा डाटा भेजने को कहा गया है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए स्कूलों में परीक्षार्थियों से ऑनलाइन आवेदन लिया गया था। स्कूलों में संसाधनों की कमी थी इसलिए प्रक्रिया में लंबा वक्त लगता। ऐसे में शिक्षकों ने साइबर कैफे की मदद ली। प्रधानाचार्यों ने साइबर कैफे के जरिये बच्चों का परीक्षा फॉर्म भरवाया। मार्च माह माह में परीक्षा की तिथि निर्धारित की गई, मगर कोरोना संक्रमण की वजह से परीक्षा टल गई। संक्रमण की गति तेज होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई। बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटर के परीक्षार्थियों को प्रोन्नत करने का निर्णय लिया। इसके लिए पिछली कक्षा के अंक व प्री बोर्ड परीक्षा के अंक को आधार बनाया गया। इसे भी बोर्ड ने प्रधानाचार्यों से ऑनलाइन मांगा। इधर, बोर्ड द्वारा जब ऑनलाइन फॉर्म व अंकों के डाटा का मिलान किया गया तो जिले के करीब 70 से अधिक विद्यालयों का डाटा मिसमैच हो गया। कई बच्चों के नाम में गलती मिली, कई के अनुक्रमांक संख्या में साथ ही अंकों में भी गड़बड़ी मिली है। इससे मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। बोर्ड की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर जल्द डाटा दुरुस्त कराकर पुन: भेजने का निर्देश दिया गया है। डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद ने प्रधानाचार्यों को डाटा दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।
इन विद्यालयों का डाटा का नहीं हो रहा मिलान
रामदुलारे इंटर कॉलेज सैफाबाद, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज प्रतापगढ़, रामराज इंटर कॉलेज पट्टी, मिथिला देवी इंटर कॉलेज मीरपुर, लाल बसंत सिंह इंटर कॉलेज, वीणापाणि इंटर कॉलेज, सरला इंटर कॉलेज, मोती सिंह इंटर कॉलेज, सर्वोदय इंटर कॉलेज, इंदिरादेवी इंटर कॉलेज, बैजनाथ ओझा इंटर कॉलेज, कुंवर लाल बहादुर इंटर कॉलेज, सुशीला गुप्ता इंटर कॉलेज, हरिहर सिंह इंटर कॉलेज, केपी सिंह इंटर कॉलेज गौरा, राम अंजोर मिश्र इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज आसपुर देवसरा आदि।