चुनावी महासमर में कूदे प्रत्याशी असलहों के भी शौकीन हैं। लगभग सभी प्रत्याशियों के पास लाइसेंसी असलहे हैं। बड़ी पार्टियों के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे नेताओं के पास तो पिस्टल और रिवाल्वर हैं ही, छुटभैये नेता भी उनसे पीछे नहीं हैं। कई निर्दलीय और छोटे दलों के प्रत्याशियों के पास भी असलहे हैं। अधिकांश प्रत्याशियों के पास रिवाल्वर है। असलहे रखने में सबसे आगे कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया और पट्टी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह हैं।
प्रत्याशियों में अधिकांश ऐेसे हैं जिनके पास रिवाल्वर और राइफल है। ऐसे भी प्रत्याशी हैं जिनके ऊपर दस-दस मुकदमे भी हैं, लेकिन उनके भी पास असलहें हैं। चुनाव अधिकारी को दिए शपथपत्र में प्रत्याशियों ने अपने वैध असलहों का जो खुलासा किया है, उसके मुताबिक कुंडा विधानसभा के निर्दलीय प्रत्याशी रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया और पट्टी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह के पास रिवाल्वर, राइफल और बंदूकें हैं। विश्वनाथगंज प्रत्याशी प्रेमानंद त्रिपाठी के पास रिवाल्वर भी है। संजय पांडेय के पास रिवाल्वर और राइफल, शक्ति सिंह के पास रिवाल्वर और बंदूक, शिवाकांत ओझा के पास रिवाल्वर, राइफल, बाबागंज विधायक विनोद सरोज के पास राइफल और रिवाल्वर है।
रामपुरखास से विधायक आराधना मिश्रा उर्फ मोना, अपना दल प्रत्याशी राकेश सिंह के पास एक-एक पिस्टल, बसपा सदर प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी, पट्टी के सपा विधायक राम सिंह पटेल, रानीगंज के बसपा प्रत्याशी शकील अमहद के पास एक-एक रिवाल्वर है। बाबागंज के भाजपा प्रत्याशी पवन गौतम ही एक ऐसे उम्मीदवार हैं जिनके पास कोई भी असलहा नहीं है। इसके अलावा कई निर्दलीय प्रत्याशियों के पास भी असलहे हैं।