अवसाद, आत्महत्या व तनाव से छात्र-छात्राओं को मुक्त रखने के लिए स्कूलों में प्रत्येक कक्षा में एक छात्र और एक छात्रा को नियुक्त किया जाएगा। जिन्हें क्रमश: मनदूत और मनपरी कहा जाएगा।
सीएमओ डॉ.जीएम शुक्ल ने एक दिवसीय कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के नामित नोडल शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए इसकी आवश्यकता पर बात की। डॉ. विकास कुमार त्रिपाठी नोडल अधिकारी एवं डॉ. ज्ञानेंद्र चीफ मेडिकल ऑफिसर ने अवसाद, आत्महत्या से बचाव समेत मानसिक रोगों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उनके लक्षण के साथ रोकथाम के उपाय बताए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में जागरूकता लाई जाए साथ ही विद्यालय में मनपरी एवं मन दूत नियुक्त किया जाए, जो मानसिक रोग से ग्रस्त छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग करे। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ मोहम्मद अनीस, मुकेश मौर्य, अमित यादव, राजशेखर, लालमणि पटेल, कपिल देवपटेल, पवन कुमार ,राहुल कुमार, संतोष कुमार शुक्ल मौजूद रहे।