गोपालापुर के किराना कारोबारी दिलीप कुमार जायसवाल के शव का 60 घंटे बाद बृहस्पतिवार को गांव में ही अंतिम संस्कार हुआ। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। तनाव को देखते हुए कई थानों की फोर्स भारी संख्या में मौजूद रही। अफसर भी पल-पल की रिपोर्ट ले रहे थे।
जेठवारा के गोपालापुर निवासी दिलीप कुमार जायसवाल की रामगंज बाजार में किराने की दुकान चलाते थे। सोमवार की रात उनका शव पर्वतपुर पूरे नगिया के रहने वाले कुट्टू उर्फ दरूद के घर के भीतर फांसी के फंदे पर लटकता मिला था। आरोप था कि दिलीप का गला कसकर हत्या करने के बाद शव को फांसी के फंदे पर लटकाया गया था।
मृतक दिलीप के भाई प्रदीप की तहरीर पर पुलिस ने सात नामजद व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को शव घर पहुंचा तो आक्रोशित ग्रामीण और परिजन थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर नाराजगी जताने लगे। नाराज लोगों ने कई मांग रखते हुए उनको तुरंत पूरा करने पर अड़ गए।
बुधवार को मांग पूरी न होने पर नाराज लोगों ने दिलीप का शव आरोपियों के घर में दफनाने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच धक्कामुक्की भी हुई थी। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर के लिखित आश्वासन पर परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार कराने के लिए राजी हुए।
कारोबारी की हत्या के मामले में पुलिस आरोपी सईद, आसिफ, नाजिया, मोइन, शौकत, फातिमा बानो को जेल भेज चुकी है। बृहस्पतिवार को दिलीप के मुंबई में रहने वाले भाई राजीव के पहुंचते ही परिवारीजन फिर से रोने-बिलखने लगे। दिलीप की मौत के करीब 60 घंटे बाद 11 बजे शव को घर से कुछ दूरी पर दफनाया गया। सीओ अमरनाथ गुप्ता ने बताया कि फरार चल रहे नामजद आरोपी की तलाश की जा रही है। अज्ञात को चिह्नित किया जा रहा है।
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फिर बवाल की आशंका, एसओ जेठवारा को पर्वतपुर जाने से रोका
पर्वतपुर में बुधवार की रात में पीएसी व जेठवारा थाने की पुलिस मुस्तैद रही। बृहस्पतिवार की सुबह महेशगंज, बाघराय व लीलापुर की पुलिस फिर पहुंच गई। बवाल की आशंका में अफसरों ने थानाध्यक्ष जेठवारा को पर्वतपुर जाने से रोक दिया। थानाध्यक्ष की कार्यप्रणाली से नाराज लोग अपना गुस्सा दिखा चुके हैं।
आरोपियों के घर पर पसरा सन्नाटा, भूमिधरी में बना है मकान
किराना कारोबारी दिलीप के हत्यारोपियों के मकान सरकारी जमीन में बने होने की शिकायत ग्रामीणों ने की थी। इस पर बुधवार को राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर पैमाइश कराई थी। राजस्व विभाग के सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के मकान भूमिधरी जमीन पर बने हैं। वहीं गिरफ्तारी के बाद उनके घर और दरवाजे पर सन्नाटा पसरा है।