बुधवार को जिले में जगह-जगह मकरसंक्रांति पर्व विधि विधान से मनाया गया। चिलबिला में लक्ष्मी मां की पूजा कर कथा का समापन बाद भक्तजन प्रसाद ग्रहण किए। बेल्हा देवी धाम से लेकर हर जगह मंदिरों में आस्था से लबरेज लोगों की खासी भीड़ रही। सुबह से ही स्नान ध्यान कर लोग पर्व की उत्साह में डूबे रहे।
चिलबिला लक्ष्मीनारायण मंदिर में चल रही कथा का बुधवार को समापन हुआ। वहां मां तुलसी की विधि विधान से पूजा भी की गई। इसी तरह चिलबिला के हनुमान मंदिर में भी मकरसंक्रांति पर्व पर सुबह से ही दर्शनार्थियों की भीड़ जमा रही। हनुमान मंदिर में भी समाजसेवी रोशनलाल की ओर से खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। पुरोहितों के मुताबिक मकरसंक्रांति पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा।
मगर जिले के तमाम लोग बुधवार यानी 14 जनवरी को ही इस पर्व को मनाए। बेल्हा देवी धाम में सुबह से ही गंगा स्वरूप मान कर लोग सई नदी में स्नान बाद दर्शन किया और वहां बाहर बैठे गरीबों और भिखारियों को खिचड़ी दान कर घर गए। यह क्रम देर रात तक चलता रहा। इसी तरह तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर ओर से बैजलपुर सहित कई स्थानों पर मकरसंक्रांति पर्व मनाया गया। संघ के जिला प्रचार प्रमुख अनिल कुमार मिश्र ने लोगों को पर्व की महत्ता से परिचित कराया।