प्रतापगढ़। रेलमंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु के रेल बजट के मामले में ट्रैक विद्युतीकरण की बात छोड़ दी जाए तो प्रतापगढ़ को कुछ खास नहीं मिला। यहां के लोगों की जरूरी सुविधाओं को छुआ तक नहीं है। हालांकि सुरक्षा, स्वच्छता पर जोर देने और किराये में बढ़ोत्तरी नहीं किए जाने से लोगों ने बजट की प्रशंसा की है।
हर बार की तरह इस बार भी जनपदवासियों को बजट से काफी उम्मीदें थीं। मसलन, ट्रेनों का फेरा बढ़ाने, प्रतापगढ़ से गुजरात और मुंबई के लिए नई ट्रेन चलने, प्लेटफार्म की संख्या बढ़ने, इलाहाबाद-फैजाबाद मार्ग पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की आशा लोगों ने कर रखी थी। मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि जरूरी सुविधाओं की तरफ से भी रेलमंत्री ने मुंह मोड़ लिया। बजट से प्रतापगढ़ को अगर कुछ मिला है तो वह है जंघई से उतरेटिया तक रेलवे लाइन का विद्युतीकरण।
आमजन की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने किराया न बढ़ाए जाने का स्वागत किया। राजकुमार मोदनवाल का कहना था कि पिछले दो दशक से रेल बजट में बेल्हा को कुछ न कुछ मिला है। इस बार के बजट में कुछ भी न मिलने से निराशा जरूर हुई। मगर यात्रा भाड़ा न बढ़ाया जाना अच्छी बात है। व्यापारी कृष्ण कुमार का कहना है कि फैजाबाद-इलाहाबाद रूट पर ट्रेनेां की संख्या गिनी-चुनी है। अयोध्या और संगम जैसे तीर्थस्थलों को जोड़ने वाले इस रूट की अनदेखी हुई है। विसुन का कहना है कि स्टेशन पर प्लेटफार्म की संख्या बढ़ने की उम्मीद थी। जो पूरी नहीं हुई। गाड़ियां पचास से अधिक हैं। स्टेशन गिनती के तीन। अशोक मिश्रा, सुमित और वाशिद ने भी बजट में बुनियादी सुविधाओं की व्यस्था नहीं होने पर निराशा व्यक्त की।