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बर्बाद गेहूं की फसल देख फिर एक किसान ने तोड़ा दम

Sun, 12 Apr 2015 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
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खेत में बर्बाद गेहूं के बंधे बोझ को देख लौट रहा किसान गांव पहुंचते ही गश खाकर गिर पड़ा। उसे गिरते देख ग्रामीण दौड़ पड़े। पहुंचे परिजन इलाज के लिए गौरा सीएचसी ले गए। डॉक्टर ने सदमे में होने की बात कर इलाहाबाद रेफर कर दिया। परिजन उसे इलाहाबाद ले जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई। उसके पुत्रों का कहना है कि गेहूं की बर्बाद फसल की चिंता से उनकी मौत हुई।
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फतनपुर थाना क्षेत्र के पटहटियाकला गांव निवासी पारसनाथ चौरसिया (72) रविवार को गेहूं के खेत में गया था। वहां बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई गेहूं के बंधे बोझ को देख वह काफी चिंतित हो गया। बताते हैं कि लौटते समय गांव में पहुंचते ही वह चक्कर खाकर गिर पड़ा। गिरते ही ग्रामीण दौड़ पड़े और खबर उसके परिजनों को दी। पहुंचे परिजन इलाज के लिए उसे गौरा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए।

जहां डॉक्टरों ने उसे सदमे की वजह से हालत गंभीर बता इलाहाबाद रेफर कर दिया। परिजन इलाहाबाद ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। उसके चार पुत्रों में कन्हैया लाल और विनोद दिल्ली में रहते हैं। बाकी राजेशकुमार चौरसिया व सुरेश घर पर ही रहते हैं। राजेश ने बताया कि उसके पास कुल 12 बीघे जमीन है। इसमें छह बीघे में उसने इस साल गेहूं बोया था। बारिश की वजह से उसकी फसल बर्बाद हो गई।
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 कहा कि उसके पिता बर्बाद फसल की वजह से काफी चिंतित रहते थे। रविवार को वह खेत में गए। वहां देखा कि गेहूं की जो बालियां लगी थीं उनमें दाने काफी कमजोर थे। इससे वह और चिंतित हो गए। तत्काल घर की ओर लौट पड़े। मगर यह दुख वह बर्दाश्त नहीं कर सके और सदमे में आ गए। बर्बाद फसल की चिंता में ही उनका दम निकल गया।
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