मिनी लॉकडाउन के पहले दिन शहर और गांव की दुकानों में ताला लटकता रहा। सुबह से बरसात प्रारंभ होने से शहर में दुकानों को बंद कराने के लिए पुलिस को अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ी। हालांकि पुलिस की सख्ती के चलते दिन भर सड़क पर ई-रिक्शा, टेंपों नहीं चले। रोडवेज डिपो पर उतरने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शनिवार को मिनी लॉकडाउन के पहले शहर और गांव की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। शनिवार की सुबह बरसात होने से शहर में बस अड्डे और चौराहे पर दुकानें नहीं खुल पाईं। दुकानों को बंद कराने के लिए पुलिस के जवान घूमते रहे। सख्ती के चलते शनिवार को एक भी दुकानें नहीं खुलीं। मुस्लिमों का त्योहार बकरीद भी शनिवार को था। इससे इस वर्ग से जुड़े व्यवसाइयों ने दुकानों को पूरी तरह बंद रखा।
जिला अस्पताल के सामने प्राय: लगने वाला जाम और भीड़ नहीं दिखाई दी। दोपहर बारह बजे के बाद बरसात बंद होने पर लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी करने बाहर निकले। ग्रामीण इलाकों में पुलिस की सख्ती के चलते बंदी पूरी तरह सफल रही। चौराहों और बाजारों में तैनात पुलिस कर्मी आने-जाने वालों पर नजर रखे हुए थे। दोपहर बाद बरसात बंद होने पर लोग घरों से बाहर निकले और आवश्यक सामग्रियों की खरीद की। शहर में निजी वाहन से निकलने की छूट थी, मगर ई-रिक्शा, टेंपों पर पूरी तरह रोक लगी रही।
रविवार को भी बंद रहेंगी दुकानें
मिनी लॉकडाउन के दूसरे दिन रविवार को सभी दुकानें बंद रहेंगी। रक्षाबंधन त्योहार को देखते हुए मिठाई और राखी की दुकानें खुली रहेंगी। मेडिकल स्टोर, पेट्रोलपंप, गैस एजेंसी, किराना स्टोर खुले रहेंगे।
31 अगस्त तक लागू हुई धारा 144
सदर एसडीएम और प्रभारी एडीएम मोहनलाल गुप्ता ने जिले में शांति व्यवस्था बहाल रखने के लिए 31 अगस्त तक धारा 144 बढ़ा दी है।उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि जो इसका उल्लंघन करता है, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।