जिले में बिना मान्यता के चलने वाले स्कूलों पर अंकुश लगाने की पहल कामयाब होती नजर आ रही है। बेसिक शिक्षा विभाग का नोटिस मिलने के बाद जिले के 189 स्कूलों में ताला लटक गया है। 438 स्कूलों को रिमाइंडर जारी कर बंद करने को कहा गया है।
जिले में बगैर मान्यता के स्कूल चलाने और अभिभावकों का शोषण बंद करने के लिए जिला प्रशासन ने अवैध स्कूलों को बंद कराने के लिए नोटिस जारी किया था। अप्रैल और मई माह में 627 स्कूलों को नोटिस मिलने के बाद जुलाई माह में 189 स्कूलों में ताला लटक गया है। शासन ने अवैध स्कूलों को बंद कराकर नामांकित बच्चों का प्रवेश प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कराने के लिए कहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के 17 विकास खंडों में 627 अवैध स्कूलों को चिह्नित किया था।
अप्रैल माह में नया शिक्षासत्र प्रारंभ होते ही बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से नोटिस भेजना शुरू किया था। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि नोटिस के बाद भी जुलाई माह में खुलने वाले 23 अवैध स्कूलों को बंद कराया गया। जबकि 166 अवैध स्कूलों ने जुलाई माह में स्कूल ही नहीं खोला। इस तरह अभी तक 189 अवैध स्कूल बंद कराए जा चुके हैं। जबकि 438 अवैध स्कूलों को रिमाइंडर जारी कर संचालन बंद करने के लिए कहा गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में बढ़ गई बच्चों की संख्या
जिले के अवैध स्कूलों पर कार्रवाई होते ही प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ गई है। यही वजह रही कि पहले चरण के स्कूल चलो अभियान में जिले को आसानी से लक्ष्य हासिल हो गया था। जबकि अन्य जिलों के बीएसए को नोटिस जारी किया गया था।
जिले में अवैध स्कूलों को बंद करने के लिए संचालकों को रिमाइंडर भेजा गया है। अगर स्कूल बंद नहीं किया तो जिला प्रशासन का सहयोग लेकर जबरन बंद कराया जाएगा। बगैर मान्यता के चलने वाले स्कूलों पर शासन सख्त है। भूपेंद्र सिंह, बीएसए