हाईटेंशन लाइन ठीक करते समय करंट की चपेट में आने से झुलसे लाइनमैन की बृहस्पतिवार की देर शाम लखनऊ जाते समय मौत हो गई। शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर परिजन रोने लगे। शव का अंतिम संस्कार प्रयागराज में किया गया।
पट्टी कोतवाली क्षेत्र के रानीपुर निवासी राकेश कुमार श्रीवास्तव सदहा विद्युत उपकेंद्र पर कार्यरत थे। बृहस्पतिवार को आसपुर देवसरा के डाही गांव में ट्रांसफाॅर्मर का फ्यूज बदलने के दौरान अचानक विद्युत आपूर्ति चालू होने से वह गंभीर रूप झुलस गए। प्रयागराज से लखनऊ इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। शव घर पहुंचने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। राकेश श्रीवास्तव तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे शव घर पहुंचा तो परिजनों की चीख निकल गई। राकेश की पत्नी नीलम श्रीवास्तव पति के शव को देखकर बेहोश हो गई। राकेश की दो बेटियां गौरी श्रीवास्तव (15) और गुनगुन श्रीवास्तव (11) और बेटा आर्यन श्रीवास्तव (8) पिता के शव को देखकर बिलख कर रोने लगे। मां सुशीला देवी बेटे के शव से लिपट कर रोना शुरू किया तो मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
शटडाउन के बाद भी आपूर्ति चालू करने का आरोप
आसपुर देवसरा। मृतक राकेश श्रीवास्तव के बड़े भाई बृजेश श्रीवास्तव का आरोप है कि शटडाउन लेकर उसका भाई लोकल फाल्ट ठीक करने गया था। जिस व्यक्ति की ड्यूटी पावर हाउस पर थी, उससे राकेश श्रीवास्तव का पूर्व में विवाद हुआ था। पुरानी रंजिश के कारण शटडाउन लेने के बाद भी आपूर्ति चालू कर दी गई। जिससे उनका भाई करंट की चपेट में आ गया। बताया कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सोची समझी हत्या की साजिश है। बृजेश का आरोप है कि उनके भाई का पहले मोबाइल और पर्स ले लिया गया। मोबाइल को फॉर्मेट करके विवाद से जुड़े सभी रिकार्ड को हटा दिया गया। पर्स से पैसे भी निकाल लिए गए। फार्मेट की गई मोबाइल भाई को वापस कर दिया गया।
सदहा पावर हाउस पर यह दूसरी मौत
पट्टी। सदहा पावर हाउस पर शटडाउन के बाद आपूर्ति चालू होने से यह दूसरी मौत है। बीते वर्ष इसी पावर हाउस पर संविदा लाइनमैन विनोद तिवारी की अतरौरा गांव में आपूर्ति चालू होने से मौत हो गई थी। विनोद के परिजन भी विभाग से मदद के इंतजार में है।
परिजनों की तरफ से लिखित शिकायत विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने के बाद मौत के कारण की जांच बिजली विभाग की टीम करेगी। जांच के बाद उचित कार्रवाई कर मुआवजे के लिए पत्र लिखा जाएगा।
- रामाश्रय प्रसाद चौरसिया, अधिशाषी अभियंता।