बच्चे के अपहरण में महिला को तीन वर्ष की कैद, पांच हजार का लगा अर्थदंड
अपर सत्र न्यायाधीश कुंदन किशोर ने बच्चे के अपहरण के मामले में कोहड़ौर के मिश्रौली गांव की किरन तिवारी को दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वादी मुकदमा ओमप्रकाश के अनुसार 28 जनवरी 2012 को उसने अपनी पत्नी चंद्रकली को जिला अस्पताल प्रतापगढ़ में भर्ती कराया था। उसे प्रसव पीड़ा हो रही थी, उसकी देखरेख में उसकी भाभी प्रेमा देवी व सास रमराजी थी। भर्ती कराने के दूसरे दिन उसको लड़का पैदा हुआ।
डॉक्टर ने बताया यह बच्चा बहुत कमजोर है और एक पर्ची में दवा में लिखकर वादी को लाने के लिए दी। वादी दवा लेने चला गया और बच्चे को अपनी भाभी प्रेमा देवी की गोद में दे दिया। लौटने पर भाभी ने बताया कि वह कपड़ा साफ करने चली गई और बच्चे को वादी की सास को दे दिया था। इसी बीच एक महिला ने वादी की सास की गोदी से बच्चे को लेकर गायब किया था। पुलिस को जानकारी हुई तो बच्चा उस महिला से बरामद किया गया। बाद आरोपी महिला की पहचान पुलिस ने की थी। इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी अनिल मिश्रा ने की।