साथी की हत्या से वकीलों में उबाल, कलेक्ट्रेट बंद कराकर लगाया जाम
नगर पालिका के वाहन में तोड़फोड़, एएसपी पूर्वी से हुई तकरार
डीएम-एसपी के खिलाफ हुई जमकर नारेबाजी, नशे में धुत दरोगा को खदेड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जेठवारा में साथी अधिवक्ता और विहिप कुंडा प्रखंड के जिलाध्यक्ष की हत्या की सुनते ही वकील भड़क गए। कलेक्ट्रेट बंद कराने के बाद गुस्साए वकीलों ने पुलिस लाइन तिराहे चौराहे पर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने पहुंचे अधिवक्ताओं से एएसपी पूर्वी की तकरार हो गई। बवाल की आशंका को देखते हुए कई थानों की फोर्स के साथ ही सीओ सिटी व सीओ रानीगंज भी दलबल के साथ पहुंच गए। गुस्साए वकीलों ने जाम से निकल रहे नगर पालिका के वाहन का शीशा तोड़ दिया। नशे में धुत दरोगा को दौड़ा लिया। करीब तीन घंटे तक जाम खत्म हुआ।
साथी ओम मिश्रा की हत्या की खबर लगते ही अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे। घटना से गुस्साए वकीलों ने कलेक्ट्रेट में काम-काज ठप करा दिया। न्यायिक अधिकारियों को सूचना देने के बाद जिला अस्पताल पहुंच गए। वहां पता चला कि परिजन शव लेकर घर चले गए हैं तो आक्रोशित अधिवक्ता दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस लाइन तिराहे पर पहुंचे। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। इस दौरान जबरन निकलने वाले लोगों से वकीलों की झड़प होती रही। वकीलों के जाम से कचहरी के इर्द-गिर्द वाहनों का आवागमन ठप हो गया। जाम व हंगामे की खबर मिलने पर सीओ सिटी अतुल शर्मा, सीओ रानीगंज अंजनी राय नगर कोतवाल के साथ मौके पर पहुंचे। कंधई व कोहड़ौर से भी फोर्स बुला ली गई। शहर के चौकी प्रभारियों को भी पुलिस लाइन गेट पर बुुलाया गया। जाम समाप्त कराने पहुंचे एएसपी उमेश प्रसाद द्विवेदी वकीलों के बीच पहुंचे। सभी को समझाने का प्रयास करने लगे। जिसे लेकर वकीलों से उनकी तकरार होने लगी। एएसपी जाम में फंसे स्कूली बच्चों को निकलवाने की बात करने लगे। रुक-रुककर वकील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। पुलिसकर्मियों से वकीलों की झड़प होती रही। पुलिस बल की मौजूदगी में जबरन निकल रहे नगर पालिका के वाहन का शीशा तोड़ डाला। इस बीच गैर जनपद स्थानांतरित दरोगा कार से पुलिस लाइन की ओर पहुंचा। जिसे देख वकील हो हल्ला करने लगे। वह कार से उतरकर वकीलों की ओर बढ़ा तो उसे लोगों ने चहेट लिया। बाद में वह वकीलों के बीच जाने की जिद करने लगा। चूंकि वह नशे की हालत में था। इसलिए शहर कोतवाल व आरआई ने उसे पुलिस क्लब में ही रोके रखा। शाम साढ़े चार बजे जाम समाप्त हुआ। जिसके बाद आवागमन बहाल हो सका। इस मौके पर जेपी मिश्रा, रजनीकांत मिश्रा, विवेक शुक्ला, अशोक पांडेय, मोहम्मद आरिफ, मुक्कू ओझा, विनोद तिवारी, मकरंद शुक्ल समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।
कई युवकों की निकाली हेकड़ी, वीडियो क्लिप कराया डिलीट
पुलिस लाइन गेट पर प्रदर्शन कर जाम लगाने वाले वकीलों में काफी गुस्सा था। वह पुलिस के रवैए पर नाराजगी जता रहे थे। जाम के दौरान कुछ युवक मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। उन लोगों को वकीलों ने दबोच लिया। खरीखोटी सुनाने के बाद सभी की हेकड़ी निकालते हुए वीडियो डिलीट करा दिया। पुलिस प्रशासन के रवैए से लोगों में नाराजगी थी।
अफसरों से बात करने को नहीं थे तैयार
पुलिस लाइन तिराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन करने वाले अधिवक्ता पुलिस अफसरों से बातचीत करने के लिए राजी नहीं थे। कई बार एएसपी पूर्वी ने प्रदर्शन कर रहे वकीलों से बातचीत का प्रयास किया, लेकिन जो लोग बातचीत के लिए आगे बढ़ते, उन्हें भी अधिवक्ता लौटा लेते। इससे अफसरों को मायूस होना पड़ा।
साथी वकील की हत्या की सूचना पर पुलिस लाइन के सामने वकीलों द्वारा विरोध में लगाया गया जाम।- फोटो : PRATAPGARH