अधिवक्ता पर केस दर्ज होने से भड़के वकीलों ने सोमवार को हंगामा किया। प्रदर्शन करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और एसओ के निलंबन की मांग उठाई।
उदयपुर थाना के पूरे जियन तिवारी का पुरवा रेहुआ लालगंज निवासी अंकुर त्रिपाठी तहसील में अधिवक्ता हैं। बीते 25 नवंबर को विपक्षियों ने उनके ऊपर जानलेवा हमला करने पर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज किया था।
इसी बीच तीन दिसंबर को उदयपुर पुलिस ने अधिवक्ता अंकुर त्रिपाठी समेत परिजनों के खिलाफ क्राॅस केस दर्ज कर दिया। इसकी जानकारी पर संयुक्त अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विभाकरनाथ शुक्ल, उपाध्यक्ष बालेंदु त्रिपाठी व महामंत्री सूर्यकांत निराला की अगुवाई में नाराज अधिवक्ताओं ने तहसील गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी।
वे एसडीएम कार्यालय के सामने हंगामा करने लगे। एसडीएम नैनसी सिंह को ज्ञापन देकर साथी के खिलाफ फर्जी एफआईआर निरस्त करने की मांग करते हुए उदयपुर एसओ राधेबाबू के निलंबन की मांग की। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष राममोहन सिंह, ज्ञान प्रकाश शुक्ल, अनिल त्रिपाठी, राजेश तिवारी समेत कई अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।