भूमि संरक्षण विभाग में लाखों रुपए के घपले का मामला प्रकाश में आया है। पोल खुलने के भय से कराए गए कार्यों के सत्यापन के लिए विभाग अधिकारियों को फाइलें नहीं उपलब्ध करा रहा। बार-बार सत्यापन के लिए मांगी गई सूचना व फाइल न दिए जाने से नाराज सीडीओ ने विभाग के अधिकारी पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है।
विगत वर्षों में भूमि संरक्षण विभाग ने तमाम तरह के काम कराए थे। सूत्रों के मुताबिक सारा काम मशीन से कराया गया, जबकि पैसे का भुगतान मजदूरों की मजदूरी के आधार पर किया गया। इस मामले की जानकारी डीएम अमृत त्रिपाठी को लग गई। उन्होंने जांच के लिए सीडीओ को निर्देश दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने विभाग को पत्र भेजकर स्थलीय सत्यापन के लिए कराए गए कार्यों से संबंधित सारी सूचना व दस्तावेज तलब किया। भूमि संरक्षण विभाग के लोग दबी जुबान कहते हैं कि महकमे ने एक भी सूचना उन्हें नहीं दी।
इससे सत्यापन का काम नहीं हो सका। सीडीओ ने विभाग को दस्तावेज के लिए कई बार पत्र लिखा। फिर भी उन्हें सूचनाएं नहीं मिली। जिस पर सीडीओ ने भूमि संरक्षण अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा। कोई कार्रवाई न पर मुख्य विकास अधिकारी ने शासन को रिमाइंडर भेजा है। भूमि संरक्षण अधिकारी दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया घपले जैसी कोई बात नहीं है। सीडीओ ने विभागीय कार्यों की जांच के लिए पत्र शासन को लिखा है। यह बात मेरी जानकारी में है। मैं मेडिकल पर था। सीडीओ को सत्यापन के लिए सूचनाएं भेज दी गई हैं।