तीन दिन से खराब मौसम आखिरकार सोमवार को अपनी कुत्सित मंशा को जता ही दिया। ग्रामीण इलाकों में तेज हवा के साथ करीब आधे घंटे तक तेज बरसात हुई। इससे खेत से लेकर खलिहान तक की बची फसलें भी चौपट हो गईं। स्थिति देख किसान खून के आंसू रोता रहा।
आसमान में तीन दिन से घिरे काले बादलों की मोटी परत दिन में दूसरे पहर तेज हवाओं के साथ बरस पड़ा। पट्टी, कुंडा, रानीगंज व लालगंज क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक बारिश हुई। शहर में हवा तो धीमी थी पर करीब 15 से 20 मिनट तक हल्की बारिश हुई। इस बारिश से ग्रामीण इलाके में खेतों में पानी भर गया। गड्ढायुक्त सड़कों पर पानी भर जाने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। खेतों में पानी भरने से किसानों की बची फसलें भी बर्बाद हो गईं। पट्टी क्षेत्र के बड़े किसान भूपेश तिवारी, केदारनाथ शुक्ल और लालगंज के मोहित अग्रवाल, सुरेश सिंह, दीपक चौरसिया एवं कुंडा के मटरूदीन, ऊधम सिंह आदि किसान कहते हैं कि इस बारिश से अब खेत से खलिहान तक में पड़ा गेहूं का एक भी दाना हाथ लगना मुश्किल है।
क्योंकि यदि मौसम इसी तरह रहा तो भीगा हुआ गेहूं अब सड़ जाएगा। उधर, कृषि रक्षा अधिकारी अमित जायसवाल कहते हैं कि आलू की फसल तो खोदी जा चुकी है। इस बारिश से सरसों और गेहूं की फसल सड़ने की संभावना काफी बढ़ गई है। उधर मौसमविद देशराज मीना के मुताबिक रुक-रुक कर पूर्वा व पछुआ हवा चल रही है। इससे मौसम में सुधार के आसार काफी कम हैं। उन्होंने अनुमान लगाया कि हालात यही रहे तो अभी और तेज बारिश हो सकती है। उन्होंने सुबह का न्यूनतम तापमान 19.6 व अधिकतम 32.0 डिग्री सेल्सियस बताया।
सोमवार की देर शाम शहर और ग्रामीण क्षेत्र के तीन अन्य विद्युत फीडरों से आपूर्ति का नया रोस्टर जारी हुई। विद्युत विभाग के कंट्रोल रूप से मिली खबर के मुताबिक शहर में सुबह 7.30 से दोपहर 12 बजे तक आपूर्ति होगी। इसके बाद 12 बजे से तीन बजे तक कटौती रहेगी। फिर तीन से 10.30 बजे रात तक शहरियों को आपूर्ति मिलेगी। रात 10.30 से 1.30 शहर की सप्लाई ठप रहेगी। इसी क्रम में रात 1.30 से भोर 4.30 बजे तक शहर में आपूर्ति चलेगी। 4.30 से सुबह 7.30 बजे तक कटौती रहेगी। इसी तरह पट्टी, संडवाचंडिका व चिलबिला फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को रात दो से दोपहर 12 बजे तक आपूर्ति मिलेगी। इसके बाद सारा दिन उन्हें बिजली के दर्शन नहीं होंगे।