कस्बे में अतिक्रमण और चौक के पास नालियों में गंदगी देख जिलाधिकारी बिफर गए। मंगलवार को तहसील दिवस में पहुंचते ही जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने एसडीएम, लालगंज के प्रभारी कोतवाल और बीडीओ को फटकार लगाई। डीएम ने अधीनस्थों से कहा कि तीन दिन के भीतर कस्बे की नालियों की सफाई हो जानी चाहिए। एसडीएम वाईबी सिंह तथा एसएसआई रामअवतार वर्मा को भी अतिक्रमण को हटवाकर डीएम कैंप को रिपोर्ट भेजे जाने के निर्देश दिए।
गांव में चकमार्गों पर अतिक्रमण की शिकायतों की भरमार देखकर डीएम गुस्से में आ गए। सार्वजनिक स्थलों पर लगे इंडिया मार्का हैंडपंपों के खराब होने की भी शिकायतें आईं। इस पर जलनिगम के अधिशासी अभियंता को डीएम ने फटकारा। जिला कार्यक्रम अधिकारी आरती सिंह को तलब किया। कुपोषण अभियान को लेकर पत्रावली का अवलोकन करने के बाद डीएम डीपीओ की कार्यशैली से असंतुष्ट नजर आए। कुरैशी जाति के पिछड़े वर्ग के प्रमाणपत्र न दिए जाने को लेकर भी शिकायत पर डीएम ने सीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक बलिकरन सिंह यादव ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की। तहसील दिवस में करीब 342 शिकायतें आईं। इस मौके पर सीडीओ मनीष वर्मा, सीएमओ डॉ. वीके पांडेय, डीडीओ रमाकांत तिवारी, डीपीओ आरती सिंह, एसडीएम सुरेंद्र सिंह, तहसीलदार संतोष कुमार सोनकर, सीडीपीओ अनुपम मिश्रा, आदि रहे। वहीं डीएम ने तहसील दिवस के बाद देर शाम लालगंज सीएचसी का भी निरीक्षण किया। वार्ड से लेकर पूरे परिसर में गंदगी ही गंदगी दिखाई पड़ी। वार्ड में किसी भी बेड पर चादर न बिछी देख जिलाधिकारी ने अधीक्षक डॉ. शरद गुप्ता को फटकारा। सीएमओ डॉ. वीके पांडेय को भी फटकार लगाई। डीएम ने सीएमओ को जरूरी निर्देश दिए।