बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के करमाही में सुखी रखहा माइनर। संवाद
नहर में पानी न आने से किसानों की चिंताएं बढती जा रही हैं। 25 से अधिक गांव के किसानों की सिंचाई के लिए नहर पर आश्रित हैं। सिंचाई न होने से किसानों को फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है।
खभोर गांव से दिलीपपुर रसोईया गांव तक आठ किलोमीटर लंबी नहर से किसान सिंचाई करते हैं। लेकिन अभी तक नहर सूखी है। रसोईया गांव के किसान अमर पाल सिंह ने बताया कि आलू, सरसों, गेहूं की फसल की सिंचाई करनी है लेकिन नहर सूखी है। जिससे फसल खराब हो रही है।
शारदा सहायक खंड-51 से जुड़े जैतीपुर, जोगीपुर, अमसौना ,इटवा, करमाही ,लालधर पट्टी गांव की नहर में अगस्त से पानी नहीं छोड़ा गया है। करमाही गांव के किसान राम सागर सिंह ने बताया कि नहर विभाग के अधिशाषी अभियंता से मिलकर पानी छोडे जाने की मांग की गई लेकिन दो महीने बाद भी पानी नहीं आया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरविंद वर्मा ने बताया कि जल्द ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा।
बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के करमाही में सुखी रखहा माइनर। संवाद