स्थानीय पुलिस पूर्व कैबिनेट मंत्री राजाभैया के पिता उदय प्रताप पर दर्ज मुकदमे की विवेचना को लेकर संकट में पड़ गई है। लगातार बढ़ रहे सामाजिक दबाव के चलते कोतवाल ने पुलिस अधीक्षक को इसकी विवेचना दूसरे थाने से कराने के लिए पत्र लिखा है।
कुंडा के शेखपुर आशिक में मोहर्रम के दिन ताजिया निकालने के लिए भंडारा नहीं होने दिया गया। इसके पूर्व सडक़ के किनारे लगाए गए झंडों को लेकर दोनों पक्षों के बीच असहमति बनी थी। जिसे स्थानीय स्तर पर खत्म कर लिया गया था। बाद में अधिकारियों ने दबाव बनाकर झंडे हटवाने और भविष्य में भंडारा नहीं करने के लिए समझौता पत्र पर साइन करने के लिए कहा था।
इसी समझौते पत्र पर साइन न करने पर उदय प्रताप सिंह पर मोहर्रम का ताजिया निकलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मुकदमा दर्ज होने की सूचना जैसे ही क्षेत्र में फैली लोगों में आक्रोश फैल गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद से सामाजिक दबाव और आक्रोश से पुलिस के सामने भी संकट खड़ा हो गया है। सूत्रों के अनुसार कोतवाल देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुकदमे की विवेचना करने में असमर्थता जताई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि इस मुकदमे की विवेचना दूसरे थाने से कराई जाए।