कंपनी से कर्ज देने के नाम पर 40 दिन में चार सौ लोगों को चालीस लाख का चूना लगाने के बाद भाग रहे कंपनी संचालक को आधी रात लोगों ने बंधक बनाने के बाद जमकर हंगामा किया। संचालक व मकान मालिक के बेटे को पुलिस कोतवाली ले जाने लगी, जिसे लेकर लोग पुलिस से भिड़ गए।
आक्रोशित लोगों ने प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर जाम लगाने का प्रयास भी किया। बाद में कोतवाली घेर ली। बवाल की आशंका में कंपनी कार्यालय को सीज करने के बाद पीएसी तैनात कर दी गई। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
नगर कोतवाली के करनपुर में सालिकराम जायसवाल के मकान में अगस्त माह में मनी स्पॉट म्यूचुअल निधि लिमिटेड नाम से कंपनी खोली गई। संचालक विपिन सिंह निवासी हरदोई की देखरेख में काम होने लगा। इसका जोर-शोर से प्रचार भी किया गया और बेरोजगारों को कंपनी के नियमों को समझाते हुए ग्रामीण अंचल के लोगों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया गया।
मनी स्पॉट के कर्मचारी लोगों को जानकारी देते थे कि उन लोगों को 50 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक का लोन कंपनी देगी। इसके लिए उन सभी को पहले खाता खुलवाना होगा और कर्ज लेने वाली धनराशि की पांच फीसदी रकम व बीमा धनराशि जमा करनी होगी। उन्हें हर माह निर्धारित किस्त जमा करनी होगी। एक माह दस दिन के भीतर ही करीब चार सौ लोगों ने बैंक में खाता खुलवाने के साथ ही निर्धारित फीस भी जमा करा दी।
सभी को पासबुक भी जारी कर दिया गया। बताया गया कि जिनकी बीमा की धनराशि जमा हो गई होगी उन लोगों को खाते में 13 सितंबर को रुपये भेजे जाएंगे। लोग कंपनी की ओर से दी गई निर्धारित तिथि का इंतजार कर रहे थे। बुधवार की रात लोगों को पता चला कि कंपनी का सामान वाहनों में भरकर भेजा जा रहा है।
इसकी जानकारी होते ही बड़ी संख्या में लोग कंपनी के कार्यालय पहुंच गए। देखा तो अधिकांश सामान गायब थे। इस पर लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मौका पाकर चार लोग रात में ही भाग निकले, लेकिन संचालक विपिन सिंह को लोगों ने कार्यालय में बंधक बना लिया।
सुबह होते-होते सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। हंगामे की खबर पर पुलिस पहुंची। मौके पर एएसपी पूर्वी सुरेंद्र द्विवेदी, एसडीएम सदर व सीओ सिटी अतुल शर्मा मौके पर पहुंचे। भारी पुलिस फोर्स के साथ पीएसी बुला ली गई। छानबीन के बाद कार्यालय को सीज कराकर संचालक व मकान मालिक के बेटे आशीष जायसवाल को लेकर पुलिस बाहर निकली।
यह देख लोगों ने प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए पुलिस के वाहन को रोक लिया। महिलाओं को हटाने के लिए महिला थानाध्यक्ष पहुंचीं। पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए लोग उनसे भिड़ गए। आक्रोशित लोगों ने हाइवे पर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ देर बाद एएसपी ने सभी को हटाकर किनारे कर दिया। कुछ देर बाद कंपनी में रुपये जमा करने वाले सैकड़ों लोगों ने कोतवाली पहुंच घेराव कर दिया।
हंगामे की आशंका को देखते हुए संचालक व मकान मालिक के बेटे को पुलिस ने हवालात में डाल दिया। नगर कोतवाल ने बताया कि करीब चार सौ से अधिक लोगों ने कंपनी से कर्ज लेने के लिए 40 लाख से अधिक रुपये जमा किए हैं। बहुत से लोगों को अभी जानकारी नहीं है। संचालक से लोगों के रुपये लौटाने की बात चल रही है।
एएसपी ने युवक को जड़ दिया थप्पड़
रात से ही संचालक को कार्यालय में बंधक बनाकर रखने वाली महिलाएं व पुरुष अपने रुपये के लिए परेशान थे। वे गेट पर ही खड़े थे। करीब पौने दस बजे एएसपी पूर्वी सुरेंद्र द्विवेदी पहुंचे। बातचीत के बाद हंगामा कर रहे लोगों को समझाने पहुंचे। लोगों का कहना था कि संचालक को कोतवाली न ले जाया जाए, बल्कि यहीं रुपये वापस कराया जाए। महिलाओं के शोरशराबे से परेशान एएसपी का पारा गरम हो गया। उन्होंने कहा कि तुम लोगों के सामने से संचालक को ले जाऊंगा। वे लोग कुछ नहीं कर पाएंगे। तभी एक युवक बोल पड़ा। एएसपी ने सबके सामने उसे थप्पड़ जड़ दिया। यह देख लोग दंग रह गए।
हम लोगों को मुकदमा नहीं, रुपये चाहिए साहब
कंपनी के कार्यालय पहुंचे एसडीएम सदर व सीओ सिटी अतुल शर्मा छानबीन के बाद संचालक को लेकर नीचे उतरे। जिसके बाद लोग आक्रोशित हो उठे। लोगों का कहना था कि साहब हमें मुकदमा नहीं लड़ना। उन लोगों का रुपया वापस करा दिया जाए। किसी ने दो लाख रुपये के लिए सात हजार रुपये जमा किया था तो किसी ने एक लाख रुपये के लिए 4 हजार। पूरे मोहन के प्रेमचंद्र गौड़, अमर बहादुर, जहनईपुर के श्याम नारायण, पूरे गोसाई की रीता देवी, सराय सागर की रीता देवी समेत चार लोगों ने कंपनी से कर्ज लेने के लिए बीमा राशि व पांच प्रतिशत धनराशि जमा कर दिया था।
प्रतापगढ़ कोतवाली के करनपुर मोहल्ले में स्पॉट म्यूचुअल निधि लिमिटेड के संचालक को ले जाती पुलिस ?- फोटो : PRATAPGARH