तिरछा के कोटेदार की मौत, पूर्ति निरीक्षक पर लगाया आरोप
कोटा निलंबित होने के बाद तनाव में चल रहा था कोटेदार
पूर्ति निरीक्षक पर रुपये लेने के बाद भी कोटा निलंबित करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बाबागंज। महेशगंज के तिरछा के कोटेदार की मौत हो गई। जिसके बाद घर में कोहराम मच गया। परिजन कोटेदार की मौत के लिए पूर्ति निरीक्षक को जिम्मेदार ठहराने लगे। घर पर शव रखकर पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने पर अड़ गए। हालांकि शाम को कोटेदार के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
महेशगंज के तिरछा के कोटेदार मिठाईलाल पटेल (60) के सीने में शनिवार की रात दर्द होने लगा। परिजन उसे उपचार के लिए लेकर जाने लगे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजन रोते बिलखते शव लेकर घर लौट आए। रविवार की सुबह बड़े बेटे प्रदीप ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को उसके पिता का कोटा उपजिलधिकारी कुंडा विजयपाल सिंह ने निलंबित कर दिया गया था। जिसका सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सके। पूर्ति निरीक्षक कुंडा राज यादव ने शिकायत के दौरान जांच की थी। वह रिपोर्ट लगाने के लिए 30 हजार रुपये भी लिए थे। इसके बावजूद उसका कोटा निलंबित कर दिया गया। जिसे लेकर परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। हालांकि शाम को लोगों के समझाने पर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। महेशगंज एसओ ने बताया कि उनके पास कोई तहरीर नही आई और न ही कोई शिकायत मिली है।