जिले में फसल की तबाही से दो और किसानों की मौत हो गई। इनमें एक किसान कुंडा तहसील जबकि दूसरा लालगंज तहसील का निवासी था। परियावां संवाददाता के मुताबिक कालाकांकर विकास खंड के शेख का पुरवा गांव निवासी सजनलाल (55) पुत्र राम स्वरूप ने 15 विस्वा में गेहूं की बोआई की थी। उसने मंगलवार को मड़ाई कराई थी। फसल की राशि देख वह परेशान हो गया। उसने कई बार गेहूं को उठाकर देखा। शाम से ही वह बीमार हो गया। परिजन उसका इलाज स्थानीय चिकित्सक से करा रहे थे। गुरुवार शाम करीब पांच बजे उसकी मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया है। घर में उसकी पत्नी केशकली के अलावा दो बेटे संजय कुमार (28) व नीरज (17) हैं। पिछले साल भी उसकी फसल ओलावृष्टि से नष्ट हो गई थी। ऐसे में वह काफी परेशानी से गुजर रहा था। इसकी सूचना स्थानीय लेखपाल को दी गई है।
उधर, रानीगंज कैथौला संवाददाता के मुताबिक फसल का नुकसान देख सदमे में आए क्षेत्र के एक और किसान ने दमतोड़ दिया। बुधवार रात क्षेत्र के देल्हूपुर गांव में सीताराम पाल (48) की आकस्मिक मौत हो गई। मृतक के परिजनों का कहना है कि सीताराम खेत में हुई फसल की तबाही देखकर दुखी था। दिन में खेत की फसल देखने के बाद शाम को जब वह वापस आया तो परिजनों से बातचीत में फसल की तबाही को लेकर काफी अफसोस भी जता रहा था। किसान की मौत की खबर पाकर तहसील से राजस्व महकमा गांव पहुंचा तथा मृतक सीताराम के परिजनों से मिलकर व्यथा सुनी। इस बाबत तहसीलदार संतोषकुमार सोनकर का कहना है किसान की आकस्मिक मौत की सूचना मिली है। जांच कर आख्या जिला प्रशासन को भेजी जा रही है।