भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष केके सिंह ने कहा है कि अगर सरकार वास्तव में किसानों को मदद देना चाहती है तो कृषि ऋण माफ करने के लिए अतिरिक्त अनुदान दे। सदमे से होने वाली मौतों और आत्महत्या का मुख्य कारण किसानों को सताने वाली भविष्य की चिंता है।
केके सिंह सोमवार को सिटी पैलेस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वे के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। राजस्वकर्मी किसी गांव में नहीं गए। बैठकर ही रिपोर्ट लगा दी। हकीकत यह है कि जिले के किसानों की 75 फीसदी फसलों का नुकसान हुआ है। जो 25 फीसदी बची है अगर हल्की भी बारिश हुई तो वह भी नष्ट हो जाएगी। मगर जो रिपोर्ट भेजी गई है वह 25 से 30 प्रतिशत क्षति की है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि अगर वह वास्तव में किसानों की मदद करना चाहती है तो किसान क्रेडिट कार्ड पर लिए गए ऋण भी माफ करे। अनुदान इसके अतिरिक्त दे। किसान इसलिए भी चिंतित हो रहा है कि वह कर्ज कैसे चुकाएगा। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष देवानंद त्रिपाठी, पार्टी के वरिष्ठ नेता रविप्रताप सिंह, मोर्चा के जिला महामंत्री अरविंद शुक्ल भी मौजूद रहे।