पैसों के लालची डॉक्टरों को अब लोगों की जान तक की परवाह नहीं है। ऐसा ही एक मामला पल्टन बाजार स्थित शहर के चर्चित संजीवनी हॉस्पिटल में सामने आया है। हॉस्पिटल के संचालक समेत दो चिकित्सकों पर पथरी का इलाज कराने आए एक युवक की किडनी निकाल लेने के गंभीर आरोप लगे हैं।
मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पहुंचने पर हॉस्पिटल के संचालक व चिकित्सक डॉ. एसएस गुप्ता व उनके सहयोगी डॉ. अलंकार गुप्ता पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश हुआ है। आरोप है कि दोनों ने उपचार की आड़ में मिलीभगत कर युवक की किडनी ही निकाल ली।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमुद उपाध्याय ने सुनवाई के दौरान मामले को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में शामिल करते हुए नगर कोतवाली पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। उन्होंने सात दिन में एफआईआर की प्रतिलिपि न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा है।
पीड़ित पन्नालाल विश्वकर्मा के मुताबिक उनके बेटे हिमांशु (22) के पेट में दर्द रहता था। दो मई 2024 को वह बेटे का इलाज कराने के लिए संजीवनी हॉस्पिटल, पल्टन बाजार पहुंचे। यहां चिकित्सक डॉ. एसएस गुप्ता ने बताया कि हिमांशु के बायीं तरफ की किडनी में पथरी है। उपचार के लिए ऑपरेशन करना होगा।
छह मई को डॉ. एसएस गुप्ता ने अपने सहयोगी डॉक्टर अलंकार गुप्ता के साथ ऑपरेशन किया। दस मई को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करने के दौरान डॉ. एसएस गुप्ता ने सलाह दी कि घाव कुछ दिनों में भर जाएगा। 18 मई को पीड़ित पक्ष दवा लेने अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने किडनी का परीक्षण कराने के लिए कहा। इसके बाद हिमांशु को फिर से ऑपरेशन कक्ष में ले जाया गया। एक दिन के लिए अस्पताल में भर्ती भी कर लिया।
डिस्चार्ज के दौरान मरीज के पेट में बायीं तरफ 13 टांके लगे मिले, जबकि पथरी के ऑपरेशन के बाद दो ही टांके लगे थे। संदेह होने पर पन्नालाल ने कटरा रोड स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर हिमांशु की किडनी का परीक्षण कराया। रेडियोलॉजिस्ट ने बायीं तरफ की किडनी न होने की जानकारी दी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत लेकर अस्पताल जाने पर डॉ. एसएस गुप्ता ने अभद्रता कर अस्पताल से बाहर कर दिया।
इस पर मामले की शिकायत एसपी से की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित कोर्ट पहुंचा।