मंगलवार सुबह 11.25 बजे सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही 16 अप्रैल से विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। जिसके बाद करीब एक माह तक वैवाहिक कार्यक्रम होंगे और 13 मई के बाद शहनाई की गूंज थम जाएगी।
बलीपुर दुर्गा मंदिर के आचार्य आलोक ऋषिवंश ने बताया कि मंगलवार को सूर्य के मेष में प्रवेश करने के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा। 16 अप्रैल से 13 मई तक विवाह के साथ ही गृह प्रवेश, मुंडन समेत अन्य कार्यक्रम होंगे। वहीं 17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम मास (मलमास) रहेगा। जिसमें विवाह कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। लेकिन, 19 जून से 11 जुलाई तक फिर से वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित होंगे और 15 जुलाई को बृहस्पति के अस्त होने के बाद नवंबर में मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन होगा।