अतिक्रमण से शहरियों को निजात दिलाने के लिए बृहस्पतिवार को नगर पालिका की जेसीबी शहर की सड़कों पर गरजी। पटरी पर बंद दुकानों को तोड़वाने के साथ ही सड़क पर दुकान लगाने वाले 21 पटरी दुकानदारों को नोटिस थमाया। पॉलीथिन मिलने व अतिक्रमण करने पर जुर्माना भी लगाया।
जिससे पूरे शहर में हड़कंप मचा रहा। कार्रवाई से आक्रोशित पटरी दुकानदारों ने नगर पालिका के ईओ का घेराव कर नाराजगी जताई।
सड़कों व पटरियों पर अतिक्रमण के चलते पूरा शहर जाम की समस्या से जूझ रहा है।
सीओ ट्रैफिक ने शहर के प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर पालिका को पत्र लिखा था। जिसे संज्ञान में लेकर बृहस्पतिवार को नगर पालिका के ईओ मुदित सिंह ने अंबेडकर चौराहे से लेकर शहीद उद्यान तक सड़कों तक हुए अतिक्रमण को हटवाना शुरू किया। सड़क तक दुकान सजाने वाले दुकानदारों को नोटिस थमाते हुए पटरी पर कब्जा करके रखी गई गुमटी व टट्टर को ध्वस्त कराया। कार्रवाई के दौरान लोग अपना सामान समेटते नजर आए। पालिका कर्मचारी दुकानों पर मिली पॉलीथिन जब्त करते रहे।
पटरी तक दुकान लगाने वाले 21 दुकानदारों को नोटिस थमाई। इसके बाद टीम राजापाल टंकी से होते हुए चौक की ओर बढ़ी। वहां भी पॉलीथिन जब्त करने व जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान 20 किलो पॉलीथिन जब्त करते हुए दुकानदारों पर 19,500 रुपये जुर्माना ठोंका। कार्रवाई के विरोध में पटरी दुकानदार बड़ी संख्या में नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।
ईओ का घेराव करते हुए कहा कि उन लोगों की रसीद काटी गई है। इसके बाद भी पालिका ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की। हालांकि बाद में सभी पटरी दुकानदार बिना किसी ठोस जवाब के वापस लौट गए। ईओ मुदित सिंह ने बताया कि कार्रवाई के दौरान जुर्माना लगाया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए सभी को चेतावनी दी गई है। आगे भी यह कार्रवाई चलती रहेगी।
कार्रवाई से आक्रोशित पिता पर बेटे ने बोला हमला
नगर पालिका की कार्रवाई से पटरी दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। इस बीच कल्लू यादव अपनी दुकान न हटाने की बात कहते हुए पालिका कर्मचारियों को अपशब्द कहने लगा। पिता की कारगुजारी से कहीं नुकसान न हो जाए। इसके लिए कल्लू के ऊपर उसके बेटे ने ही हमला बोल दिया। जबकि कल्लू बार-बार कहता रहा कि बिना नोटिस भेजे अतिक्रमण क्यों हटवाया जा रहा है। जबकि नगर पालिका ईओ का कहना था कि पंद्रह दिन से सभी को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रचार प्रसार वाहनों से कराया जा रहा था।
पटरी दुकानदारों को दुत्कार, बड़े दुकानदारों को प्यार
अतिक्रमण हटाने के दौरान नगर पालिका के कर्मचारियों का रवैया भेदभावपूर्ण देखने को मिला। पटरी पर मिली बंद दुकानों को ध्वस्त करा दिया गया लेकिन जब राजापाल चौराहे से चौक की ओर आगे बढ़े तो सभी की हिम्मत जवाब दे गई। सड़कों तक दुकान सजाई गई थी लेकिन पालिका की टीम सभी को सामान हटा लेने की चेतावनी देते हुए आगे बढ़ती रही। यह देख पटरी दुकानदारों के अलावा आम लोगों में गुस्सा देखने को मिला। पटरी दुकानदार पालिका कर्मचारियों के सामने मिन्नतें करते रहे लेकिन उन्हें दुत्कार मिली। जबकि बड़े दुकानदारों पर उन्हें प्यार आ रहा था।