इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर स्थित जमीन पर कब्जे को लेकर शनिवार की सुबह दो पक्षों के बीच टकराव हो गया। मारपीट में दो लोग घायल हो गए। लोगों ने आरोप लगाया कि फायरिंग भी की गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां पटककर बवालियों को दूर तक भगाया। घायलों को अस्पताल भेजा गया। घटना को लेकर गांव में तनाव बना हुआ है। इलाहाबाद-फैजाबाद रोड पर स्थित डगैगा गांव स्थित राम बहादुर की जमीन का राजगढ़ के गोलकइया निवासी रामबली यादव व राजनाथ प्रजापति ने चार साल पहले राम बहादुर से बैनामा लिया था। इस जमीन पर रामबली व राजनाथ मकान का निर्माण करा रहे थे। इसे लेकर दूसरे गांव के लोगों ने आपत्ति भी जताई थी। ग्रामीणों की मानें तो शनिवार की सुबह निर्माणाधीन प्लाट पर तीन चार पहिया वाहनों से दर्जनों लोग पहुंच गए।
वे लगाए गए पिलर गिराने लगे। इस दौरान निर्माण करा रहे लोग उनसे भिड़ गए। दोनों ओर से मारपीट होने लगी। शोरशराबा सुनकर गांव के लोग भी दौड़ पड़े। फायरिंग करने की भी बात सामने आ रही है। लाठी-डंडे से लैस ग्रामीणों को आते देख वाहनों में बैठकर लोग निकलने लगे। तभी बवाल की खबर पर पुलिस पहुंच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बवालियों को दौड़ा लिया। लोगों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठियां पटकीं। तब जाकर लोग वहां से भागे। पुलिस दोनों पक्षों को चौकी ले आई। मारपीट के दौरान घायल अखिलेश यादव व महावीर को अस्पताल ले जाया गया। नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव ने बताया कि दोनों पक्षों को अभिलेख लेकर बुलाया गया है। तहसील प्रशासन से रिपोर्ट मंगाई जा रही है ताकि विवादित जमीन को लेकर विवाद की स्थिति पैदा न हो सके। दोनों पक्ष उस जमीन का बैनामा दिखा रहे हैं। फायरिंग की बात पूरी तरह से निराधार है।
हाईवे पर ठप हो गया आवागमन
इलाहाबाद-फैजाबाद हाइवे पर स्थित जमीन को लेकर शनिवार को हो रहे विवाद के चलते वाहनों का आवागमन ठप हो गया। बाइक सवार व चार पहिया लेकर पहुंचे लोग तमाशबीन बन गए। जिसके चलते वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस के पहुंचने के बाद ही लोग अपना वाहन लेकर आगे बढ़े।
जानकारी लेने कोतवाली पहुंचे एसपी
इलाहाबाद-फैजाबाद हाईवे पर स्थित जमीन को लेकर हुए बवाल की खबर पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद को मिली। वह मामले की जानकारी करने के लिए कोतवाली पहुंच गए। नगर कोतवाल हरिपाल सिंह ने घटना की जानकारी दी। एसपी ने शराब कंपनी के कैशियर से हुई लूट के मामले की प्रगति भी जानी। एसपी के कोतवाली से निकलने के बाद ही मातहतों ने राहत की सांस ली।
मीडियाकर्मियों का पुलिसवालों ने छीना कैमरा, बाद में लौटाया
डगैता में विवाद की खबर मिलते ही स्थानीय मीडियाकर्मी मौके पर पहुंच गए। वे घटना की कवरेज करने लगे। इस बीच पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को भगाने के बाद कैमरा व मोबाइल से फोटो खींच रहे मीडियाकर्मियों को रोक लिया। कोतवाली पुलिस ने सभी के कैमरे व मोबाइल ले लिए। जब लोगों ने विरोध जताया तो कोतवाल ने सभी के कैमरे व मोबाइल वापस कराए। इससे मीडियाकर्मियों में खासा आक्रोश दिखा।