कौशाम्बी जेल में निरुद्ध सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव और उनके भाई पूर्व चेयरमैन व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष गुलशन यादव के खिलाफ गवाह को धमकाने के मामले में मानिकपुर पुलिस ने एससी-एसटी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सपा नेताओं के खिलाफ दो दिन के भीतर दो मुकदमे दर्ज होने पर कुंडा की सियासत फिर गरम हो गई है।
वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले गुलशन यादव को सपा नेतृत्व ने कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बनाया है।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के बुलाकीपुर निवासी अर्जुन ने रविवार को सीओ अजीत सिंह को तहरीर दी कि जेल में निरुद्ध सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ के खिलाफ 2021 में एससी-एसटी, जान से मारने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था, जो न्यायालय में विचाराधीन है। मुकदमे में गवाही न देने के लिए उसके ऊपर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसके लिए लगातार पैसे का लालच दिया जा रहा है।
मुकदमे में गवाही 28 अगस्त को होनी थी। इसके पहले 25 अगस्त को गुलशन यादव अपने चार साथियों के साथ कार से उसके घर पर पहुंचे और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। मुकदमे में गवाही न देने के लिए दबाव बनाया और फोन मिलाकर जेल में बंद छविनाथ से बात कराई।
छविनाथ यादव ने धमकी देते हुए कहा कि बार-बार मना करने के बावजूद मान नहीं रहे हो तुमको जान से मरवा देंगे। गुलशन यादव धारदार हथियार के बल पर उसे जबरन गाड़ी में लादकर हत्या की नियत से ले जाने लगे। ग्रामीणों के पहुंचने पर उसे छोड़ दिया और धमकी देते हुए चले गए। मामले की जांच के बाद पुलिस ने दोनों भाइयों समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।