ससुराल से कचहरी जा रहे बाइक सवार अधिवक्ता ट्रैक्टर ट्राॅली की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। आननफानन उन्हें लालगंज ट्राॅमा सेंटर लाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। जानकारी मिलने पर ट्राॅमा सेंटर में अधिवक्ताओं का जमावड़ा लग गया। परिजन भी रोते-बिलखते पहुंच गए।
देल्हूपुर थाना के मदरा निवासी मनीष कुमार मिश्रा उर्फ मारुति (40) प्रतापगढ़ कलक्ट्रेट में अधिवक्ता थे। रविवार को वह अपनी ससुराल रायबरेली जिले के सलोन कोतवाली के पारी गांव में पत्नी व बच्चों से मिलने गए थे। सोमवार सुबह ससुराल से मनीष बाइक से प्रतापगढ़ कलक्ट्रेट के लिए निकले।
लालगंज कस्बे में हनुमान मंदिर के समीप ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आने से अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। चिकित्सकों के मुताबिक अधिवक्ता की मौत अंदर चोट लगने से हुई है। मौत की सूचना पर शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने फोन पर परिजनों को ढांढ़स बंधाया। प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार यादव ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
परिवार पर टूटा गम का पहाड़
अधिवक्ता मनीष मिश्र सोमवार को सुबह पत्नी अनामिका मिश्रा, दो वर्षीय पुत्री व दूधमुंहे बेटे से मिलकर निकले तो किसी को अंदाजा नहीं था कि अब वह दोबारा नहीं लौटेंगे। ससुराल से निकलने के एक घंटे बाद ही ससुरालीजनों को हादसे में उसकी असमय मौत की जानकारी हो गई। पत्नी अनामिका समेत ससुराल के लोग अस्पताल पहुंचे तो चीख पुकार मच गई।
न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संदीप सिंह, पूर्व अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश शुक्ल, उपाध्यक्ष बालेंद्र त्रिपाठी, सूर्यकांत निराला, अनिल महेश, राव वीरेंद्र सिंह, विकास मिश्रा, बीडी पटेल, संतोष पांडेय, केके शुक्ल आदि पीड़ित परिवार की मदद को डटे रहे। अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।