आमसान में जमे बादलों ने बारिश की झड़ी लगा रखी है। गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी झमाझम बरसात जारी रही। तापमान लुढक़ने से लोगों को गर्मी से भले ही राहत मिल गई, मगर जलभराव व सीलन से दिक्कत खड़ी हो गई है। दिनभर लोग घरों में कैद रहे। आवागमन में भी लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। इतना ही नहीं सीलन से जगह- जगह कच्चे मकान भी धाराशायी हो गए। दो दिन की बारिश से शहर से लेकर गांव तक जनजीवन अस्त- व्यस्त हो गया है।
बारिश का मुख्य समय जुलाई-अगस्त का महीना माना जाता है। मगर जिस अनुपात मेें बारिश होनी चाहिए, उसके अनुरूप राहत नहीं मिली। अगस्त के महीने में बादल रूठे रहे। लेकिन सितंबर माह में बादलों ने आसमान मेें डेरा जमा रखा है। बुधवार से बारिश की झड़ी लगी हुई है। दूसरे दिन गुरुवार को भी बारिश का क्रम लगा रहा।
भोर से ही झमाझम बरसात शुरू हो गई। कभी तेज तो कभी धीमी गति से बारिश दिनभर होती रही। शहर में अधिकांश मोहल्लों में जलभराव की समस्या बनी रही। पल्टनबाजार, चंपासुर्तीरोड, सीएन सिंहली, शिवजीपुरम, दहिलामऊ, विवेक नगर, देवकली रोड सहित शहर के दो दर्जन मोहल्लों में जलभराव की समस्या रही। कई लोगों के घरों भी बारिश का पानी घुस गया। आवागमन में भी लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
शहर के बाबागंज, पंजाबी मार्केट, सदर बाजार, घंटाघर, भगवाचुंगी सहित बाजारों में चहल- पहल न के बराबर रही। इसके अलावा रानीगंज, पट्टी, कुंडा, लालगंज व सदर क्षेत्र के कई गांवों में भी जलभराव की समस्या बनी रही। कई गांवों में लोगों के कच्चे मकान ढह गए।
अब तक 755.4 मिमी हुई बारिश
जिले में अब तक 755.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। सितंबर माह में 250 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि गुरुवार को 35 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। अधिकतम तापमान 27.0 व न्यूनतम 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।