उतरेटिया-जंघई रेलवे विद्युतीकरण की राह में बिजली विभाग ही रोड़ा बन गया है। विद्युतीकरण के रास्ते में रोड़ा बनी विद्युत लाइनों को ट्रैक के ऊपर से हटाकर अंडरग्राउंड किये जाने को लेकर रेल विकास निगम लिमिटेड की ओर से एक्सईएन विद्युत प्रथम को लिखे गये पत्र को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। लाइन हटाये जाने का काम शुरु न किये जाने से विद्युतीकरण का कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इससे इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन समय से शुरू हो पायेगा, इसको लेकर आशंका जताई जा रही है।
उतरेटिया से लेकर जंघई वाया अमेठी और प्रतापगढ़ विद्युतीकरण का काम शुरू किया जाना है। कार्यदायी संस्था आरवीएनएल इस काम को करवा रही है। महीनेभर पहले इसके असिस्टेंट मैनेजर योेगेश मिश्र ने एक्सईएन प्रथम एके श्रीवास्तव से विद्युतीकरण के रास्ते में रोड़ा बनने वाली ट्रैक के ऊपर से गुजरी विद्युत लाइनों को अंडरग्राउंड किये जाने के संबंध में मुलाकात की थी। उन्होंने निगम की तरफ से एक पत्र भी एक्सईएन को दिया था। जिसमें अमेठी से लेकर पृथ्वीगंज रेलवे स्टेशन के बीच कुल सात स्थानों पर लाइन को अंडरग्राउंड किये जाने की बात कही गई है। मगर वह काम अभी तक शुरु नहीं किया जा सका है। हालांकि एक्सईएन ने उनके सामने पत्र में संबंधित एसडीओ और जेई को लिखा था। लेकिन अभी तक उस पत्र पर कार्य की पहल नहीं हो सकी है। बिजली विभाग की लापरवाही के चलते रेलवे विद्युतीकरण का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि जब तक ट्रैक के ऊपर से गुजरी लाइन हटाई नहीं जाती है विद्युतीकरण का काम शुरू नहीं हो पायेगा। लाइन हटाने के बाद उसको अंडरग्राउंड करने में भी काफी समय लगेगा। एक्सईएन एके श्रीवास्तव का कहना है कि पत्र को संबंधित एसडीओ और जेई को दे दिया गया है। उनसे रिपोर्ट मांगी जा रही है।