फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फेसबुक-व्हाट्सएप पर खुफिया विभाग की नजर

Thu, 22 Mar 2018 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में फेसबुक और व्हाट्सएप पर अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने वालों पर शिकंजा कसने के लिए खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है। ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। अभी तक 14 फेसबुक आईडी और 22 व्हाट्सएप नंबरों को खुफिया विभाग ने चिंन्हित किया है। इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सुबूत इकट्ठा होने के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


इन दिनों फेसबुक और व्हाट्सएप पर भड़काऊ मैसेज भेजने का सिलसिला तेजी से शुरू हो गया है। ऐसे संदेशों से जिले की कानून व्यवस्था और माहौल बिगाड़ने का खतरा पैदा हो गया। रामापुर में तिरंगे के अपमान के बाद सपा नेता के नंबर से देवताओं की आपत्तिजनक तस्वीर वायरल होने के बाद खुफिया विभाग ने इस दिशा में सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। दरअसल, सोशल मीडिया पर छोटे मामलों को तूल देने का प्रयास किया जा रहा है।

रानीगंज के आमापुर बोर्रा में कब्रिस्तान की जमीन पर झंडे उखाड़कर फेंकने व गंदगी के मामले को भी तूल देने का भी प्रयास किया गया। मानधाता इलाके में भी लोगों की भावनाएं भड़काने के प्रयास की बातें सामने आई हैं। ऐसे प्रकरणों को लेकर फेसबुक की कई आईडी से आपत्तिजनक पोस्ट भी होती रहीं। एलआईयू और एसआईओ अब फेसबुक पर भड़काऊ और गलत संदेश पोस्ट करने वालों की आईडी को लगातार फालो कर रही है।
विज्ञापन


फेक आईडी बनाकर ऐसा करने वालों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो अब तक 14 फेसबुक आईडी और 22 व्हाट्सएप नंबरों को चिंन्हित किया गया है। उन पर बराबर नजर रखी जा रही है। ईएमईआई नंबर और फ्रेंडलिस्ट से उनके बारे में पता लगाया जा रहा है। व्हाट्सएप ग्रुप में फर्जी सूचनाएं भेजने वालों को भी चिन्हित किया जा रहा है।

पुरानी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताते हैं नया मामला
देश व प्रदेश में हुई हिंसक घटनाओं के दौरान खूनी मंजर और रोते बिलखते लोगों की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर आए दिन वायरल करते हैं। तस्वीरों के साथ ही वे यह भी लिखते हैं इस मैसेज को इतना फैलाओं की हर कोई जान जाए। ऐसी तस्वीरों की कोई सच्चाई नहीं होती। फिर भी ऐसी तस्वीरें कई बार शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में सोशल मीडिया का प्रयोग करने वालों के लिए सनसनी बन जाती हैं। अज्ञानतावश वे भी उन तस्वीरों को अपने परिचितों को पोस्ट करने लगते हैं। अब ऐसे कई सारे सॉफ्टवेयर हैं जिनसे फर्जी तस्वीरें बनाई जाती हैं और लोग बिना सोचे समझे उनपर प्रतिक्रिया दे देते हैं। लोगों को अपने विवेक से काम लेना चाहिए और खुद को ब्रेनवॉश होने से बचाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर भड़काऊ और फर्जी संदेश भेजने वालों की खैर नहीं है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। गतिविधि संदिग्ध मिलने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

रमेशचंद्र, सीओ सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें