वसूली व डिस्कनेक्शन की हाईटेक व्यवस्था बनाने के नाम पर लाखों रुपये पानी की तरह बहाए गए। दो साल पहले विद्युत विभाग द्वारा करीब 40 लाख रुपये खर्च कर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस दो डिस्कनेक्शन वाहनों की व्यवस्था की गई। मगर विभागीय पेच के चलते इनका संचालन नहीं हो सका। करीब दो साल से पुलिस लाइन में खड़े दोनों वाहन जंग खा रहे हैं।
विद्युत विभाग अपनी व्यवस्था को हाईटेक बनाने में जुटा है। विभागीय अफसर घर-घर बिलिंग के मोबाइल कैश वाहन के साथ घर बैठे कनेक्शन तक देने का दावा कर रहे हैं। जिले मेें बिलिंग के लिए 8 मोबाइल कैश वाहनों की डिमांड की गई है। दो वाहन आ भी चुके हैं। बाकी के लिए डिमांड की जा रही है। करीब दो साल पहले बिलिंग कलेक्शन व डिस्कनेक्शन के लिए लाए गए वाहनों इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। दोनों वाहनों की कीमत करीब 40 लाख रुपये थी।
इसमें बिलिंग कांउटर, सीढ़ी, तिजोरी, डिस्कनेक्शन उपकरण आदि की व्यवस्था थी। घर-घर जाकर वाहन से कलेक्शन किया जाता और बकाया बिल न देने पर डिस्कनेक्शन की कार्रवाई की जाती। मगर परिचालक, गार्ड की तैनाती की प्रक्रिया के पेच के चलते इसकी शुरुआत नहीं हो सकी। इसके बाद वाहनों को कार्यालय से लाकर पुलिस लाइन में खड़ा कर दिया गया। अनदेखी के चलते दोनों वाहनों में जंग लग रही है। दोनों वाहन के टायरों की हवा निकल गई। इस बारे में एक्सईएन प्रथम सत्यप्रकाश मिश्र ने बताया कि चालक व परिचालक की तैनाती के साथ ही डिस्कनेक्शन वाहन का जल्द ही संचालन होगा। इसके पहल की जा रही है।