आंध्रप्रदेश की पुलिस में एएसआई रहे हरिकिशन ने नक्सलियों से कई बार मोर्चा लिया। कई बार जान पर बन आई, मगर कदम पीछे नहीं खींचा, लेकिन रिटायर हरिकिशन रसूखदार दबंगों से अपनी जमीन नहीं बचा पा रहा हैं। उनकी जमीन कब्जा हो गई है। अफसरों की चौखट पर चक्कर काटकर थक चुके हरिकिशन ने सीएम को पत्र भेजा है कि उसे इंसाफ नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगा।
अंतू थाना क्षेत्र के मिसरौली गांव निवासी हरिकिशन मिश्र अपनी जमीन नहीं बचा पा रहे हैं। अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। सोमवार को वह एसपी आफिस से डीएम दफ्तर का चक्कर काटते रहे। हरिकिशन का कहना है कि 30 जून 2010 को रिटायर होने के बाद से वह अपनी जमीन बचाने के लिए दौड़ रहा है।
न्यायालय राजस्व परिषद इलाहाबाद से उसके पक्ष में आदेश भी हुआ लेकिन उसे कब्जा नहीं दिलाया जा सका। डीएम, एसडीएम के साथ ही पुलिस विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाने का भी कोई नतीजा नहीं निकल सका। डीएम, एसपी आफिस में प्रार्थनापत्र देने के बाद उसने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इंसाफ की मांग की। उसने पत्र में कहा कि प्रकरण में अधिकारियों की उपेक्षा से वह परेशान है। अगर उसके साथ इंसाफ नहीं हुआ तो वह आत्महत्या कर लेगा।