फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जनधन योजना के 23 हजार खातों का बैलेंस अब भी 0

Fri, 15 Sep 2017 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
विज्ञापन
rupee shimla
विज्ञापन
जन धन योजना के तहत जिले में खुलवाए गए कुल खातों में से 23785 खाते डेड घोषित कर दिए गए हैं। दरअसल जीरो बैलेंस पर खोले गए इन खातों का बैलेंस चार साल बाद भी जीरो ही है। यानी इन खातों में किसी तरह का लेन-देन नहीं हुआ।
विज्ञापन


केंद्र में सत्ता परिवर्तन होने के बाद देश भर में शहर और गांव की महिलाओं, मजदूरों का खाता खोलने का अभियान चलाया गया। केंद्र सरकार की मंशा थी कि देश में हर व्यक्ति का खाता होने से न सिर्फ वह आर्थिक रूप से सुदृढ़ होगा बल्कि इससे देश का विकास भी होगा। बैंक अफसरों की मानें जनधन योजना के तहत प्रतापगढ़ में कुल 2,33,458 खाते खोले गए। यह सभी खाते जीरों बैलेंस पर खोले गए थे। हालांकि इनमें से 23,785 खाते ऐेसे हैं, जिनका बैलेंस अब भी जीरो है। यानी खुलने के बाद आज तक इन खातों में एक भी रुपया नहीं जमा किया गया। खास बात यह है कि ग्रामीणों के द्वारा खुलवाए गए खातों में भी ने ही गैस सब्सिडी और न ही मनरेगा के जाबकार्डधारकों की मजदूरी का की रकम पहुंची। इसकलए यह खाते डेड घोषित कर दिए गए हैं। कुल खातों में से 42,369 खाते ऐसे हैं, जिनमें गैस सब्सिडी, मनरेगा मजदूरी का भुगतान या विभागों से किसानों को मिलने वाले अनुदान की रकम आ रही है। अफसरों की मानें तो जन धन योजना के तहत खाता खोलवाने वाले अधिकांश लोग ऐसे थे, जिन्होंने पहले भी किसी बैंक में खाता खोलवाया था। जीरो बैलेंस पर खाता खोलवाने की योजना मिलने पर का उन्होंने खाता तो खोलवा लिया लेकिन फिर इसमें किसी तरह का लेन-देन नहीं किया।  
बैंक अफसरों ने बताया कि 31 दिसंबर 2017 के  बाद ऐेसे खातों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है, जिन खातों में अभी तक आधार नंबर की फीडिंग नहीं हुई है। ग्रामीण इलाकों में ऐसे बुजुर्ग मजदूर और महिलाएं हैं, जिनका अभी तक आधार नहीं बना है। ऐसी दशा में उनके लिए नई समस्या खड़ी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें