injured teacher succumbed to stress tension in village
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रास्ते के विवाद को लेकर तीन दिन पहले हुई मारपीट में घायल शिक्षक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात रही। पुलिस दर्ज मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाने की तैयारी में थी लेकिन परिजन हत्या में केस तरमीम करने की जिद पर अड़े थे। छह घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस के हामी भरने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। एक आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
कंधई थाना क्षेत्र के परमीपट्टी निवासी विवेक तिवारी (40) पुत्र उदयराज तिवारी मेरठ में प्राइवेट कालेज में शिक्षक के पद पर तैनात थे। लाकडाउन के दौरान वह परिवार समेत घर आए थे। मंगलवार की शाम रास्ते के विवाद को लेकर पड़ोसियों ने कहासुनी के दौरान मारपीट हो गई। प्रदीप व प्रेमचंद पक्ष के लोगों ने लाठी डंडे व फावड़े से हमला बोल दिया। मारपीट में विवेक व उसके भाई अभिषेक (33) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर देख डाक्टरों ने विवेक को उपचार के लिए प्रयागराज भेजा गया। वहां से परिजन लखनऊ प्राइवेट अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान बुधवार की रात मौत हो गई। यह खबर मिलने के बाद गांव में फोर्स तैनात कर दी गई। शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे सीओ रमेशचंद्र व कंधई पुलिस मामले की छानबीन के बाद आरोपियों की धरपकड़ करने लगे। पुलिस पहले से दर्ज जानलेवा हमले को गैर इरादतन हत्या में बदलना चाहती थी। भनक लगने पर परिजन भड़क गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए तब तक नहीं उठने दिया। जब तक पुलिस केस हत्या में तरमीम करने की हामी नहीं भरी। सीओ पट्टी रमेशचंद्र ने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। मुख्य आरोपी फरार है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
लाकडाउन में मेरठ से घर आए थे विवेक
कोरोना महामारी के दौरान मेरठ जनपद में एक प्राइवेट कालेज में शिक्षक के रूप में कार्यरत विवेक तिवारी घर आए थे। परिवार के लोगों को यह आभास नहीं था कि मामूली मामले को लेकर पड़ोसी खून खराबे पर उतर जाएंगे।
सदमे में हैं परिजन, रो-रोकर बुरा हाल
शिक्षक विवेक तिवारी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। पत्नी सुनतीा देवी, बेटा शिवांक, बेटी शिवांगी अपने पिता के शव से लिपटकर रोते रहे। परिवार के लोग सभी को अलग करने का प्रयास करते रहे लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। पिता उदयराज व विवेक की मां बेसुध होकर गिर जा रही थी। घायल भाई अभिषेक व छोटा भाई आलोक का भी बुरा हाल था।