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Pratapgarh News: इंतजाम नाकाफी... एक्सरे फिल्म भी अब फोटोकॉपी

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मेडिकल कॉलेज ओपीडी पर्चा काउंटर पर उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद
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मेडिकल कॉलेज में मरीजों को एक्सरे की फिल्म प्लास्टिक पर नहीं बल्कि सादे कागज पर प्रिंट कर दी जा रही है। यूं कहें तो एक्सरे फिल्म की फोटोकॉपी दी जा रही है।
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इसे संभालकर रखना मरीजों के लिए चुनौती से कम नहीं है। बारिश में इसके भीगकर गलने और मोड़ने पर स्क्रैच आने का खतरा रहता है। मेडिकल कॉलेज में दोबारा जांच कराना भी पहाड़ चढ़ने जितना कठिन है।
मंगलवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे मेडिकल कालेज में रेडियोलाॅजी विभाग में एक्सरे कराने के लिए आए मरीज के हाथ में सफेद कागज पर एक्सरे फिल्म देख कई लोग हैरत में थे।
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मरीजों ने बताया कि एक्सरे फिल्म की व्यवस्था अब बदल गई है। प्लास्टिक फिल्म के बजाय अब फोटोकॉपी दी जा रही है। महीनों से यहां प्लास्टिक फिल्म नहीं है।
150 मरीज रोजाना आते हैं एक्सरे कराने
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन करीब 150 मरीज एक्सरे कराने आते हैं। आमतौर पर यहां मरीजों को एक्सरे रिपोर्ट प्लास्टिक फिल्म पर दी जाती थी। बीच में एक्सरे फिल्म व्हाट्सएप पर दी जाने लगी, लेकिन अब इस व्यवस्था में नया बदलाव किया गया। अब फिल्म सादे पेपर (ग्लैक्सी पेपर) पर प्रिंट कर दी जा रही है।
नौ महीने से नहीं मिल रही एक्सरे फिल्म

मेडिकल कॉलेज में जनवरी से प्लास्टिक फिल्म नहीं है। कुछ दिनों तक व्हाट्सएप पर फिल्म दी जाती थी। जिन मरीजों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं होता, उन्हें इलाज में दिक्कत होती थी। अब यह व्यवस्था भी बदल दी गई। रानीगंज के मरीज राम नरेश, सुरेश व लालगंज के देवी दीन ने बताया कि बारिश में यह पेपर खराब हो जाता है। इसे दो-चार दिन भी सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है।
बजट की जानकारी पर गोलमोल जवाब
हर साल प्लास्टिक फिल्म पर कितना बजट खर्च होता है। फोटोकॉपी वाली फिल्म पर कितना बजट आया है। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर साफ जानकारी नहीं दे सके। उनका जवाब गोलमोल रहा। अफसरों के मुताबिक शासन के निर्देश पर व्यवस्था लागू की गई है।

बोले मरीज
पहले एक्सरे फिल्म प्लास्टिक पर होती थी। उसमें दिक्कत स्पष्ट दिखती थी। अब सादे पेपर पर प्रिंट दे दिया जा रहा है। प्रिंटिंग भी खराब है। कई बार डॉक्टर को मर्ज सही से समझ में नहीं आते हैं। यहां पहले जैसी व्यवस्था होनी चाहिए। - संदीप कुमार यादव, डेरवा

एक्सरे फिल्म और पेपर वाले एक्सरे की फीस में कोई अंतर नहीं है। इसके बाद भी पेपर पर फिल्म दी जा रही है। बारिश में इसके गलने और मुड़ने पर फिल्म के अहम हिस्से के मिटने का डर रहता है। - सोहनलाल, लालगंज
वर्जन:-
एक्सरे फिल्म का बजट नहीं होने के कारण फोटोकॉपी दी जा रही है। लोगों को फिल्म संभाल कर लेकर जाने और रखने को कहा जाता है। शासन से बजट मिलने पर एक्सरे फिल्म की खरीद प्राचार्य के माध्यम से की जाएगी। - डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस

मेडिकल कॉलेज ओपीडी पर्चा काउंटर पर उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद

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