जिले का एक सीएचसी खुद बीमार है। संसाधनों के अभाव में मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। मोमबत्ती की रोशनी में प्रसव कराया जाता है। नारायणपुर सीएचसी की हालात एएनएम सेंटर जैसी भी नहीं है। यहां पर सुरक्षित प्रसव कराने के इरादे से आने वाली प्रसव पीड़िताओं का भगवान ही सहारा होता है। सुनसान इलाके में बने इस केंद्र पर किसी महिला चिकित्सक की तैनाती तक नहीं की गई है।
स्टाफ नर्स निर्मला ही बिना किसी संसाधन के प्रसव कराने के लिए जद्दोजहद करती हैं। इस दौरान यदि बिजली चली जाए तो जनरेटर व इनवर्टर की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यदि रात में किसी को दवा की जरूरत पड़ जाए तो पैरासिटामॉल तक नहीं मिलेगी। दरअसल, वार्ड ब्वॉय तथा फार्मासिस्ट सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ड्यूटी कर घर चले जाते हैं। इस बारे में सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी में चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी सेेवाएं दे रहे हैं। जो खामिया हैं उन्हें जल्द दूर कराया जाएगा।
31 जुलाई तक छात्र-छात्राओं का होगा नि:शुल्क प्रवेश
प्रतापगढ़। सरयू देवी महाविद्यालय डड़वा महोखरी उड़ैयाडीह में सत्र 2020-21 में बीए, बीएससी, बीकाम और एमए, एमएससी प्रथम वर्ष में छात्र-छात्राओं का प्रवेश 31 जुलाई तक नि:शुल्क होगा। महाविद्यालय के प्रबंधक रामआसरे मिश्र ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।